nishaanebaz.com Alirajpur Fake Transfer : आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम और तस्वीर का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुख्यमंत्री की तस्वीर और मध्य प्रदेश शासन के आधिकारिक लोगो का उपयोग कर ऐसा लेटरहेड बनाया गया, जो पहली नजर में सरकारी आदेश जैसा दिखाई देता था। इस फर्जी आदेश के जरिए आयुष विभाग के एक डॉक्टर का उदयगढ़ से सोंडवा तबादला कराने की कोशिश की गई।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब यह कथित फर्जी आदेश आलीराजपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अतुलकर के व्हाट्सऐप पर भेजा गया। पत्र की भाषा और प्रारूप पर संदेह होने के बाद अधिकारियों ने इसकी जांच कराई, जिसमें आदेश फर्जी पाया गया। शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
व्हाट्सऐप पर भेजा गया कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर और मध्य प्रदेश शासन के लोगो का इस्तेमाल करते हुए एक लेटरहेड तैयार किया था। इस पर आयुष विभाग के एक डॉक्टर का उदयगढ़ से सोंडवा तबादला किए जाने से संबंधित निर्देश लिखे गए थे।यह आदेश व्हाट्सऐप के माध्यम से सीएमएचओ डॉ. राजेश अतुलकर को भेजा गया। हालांकि, आदेश की भाषा और प्रारूप देखकर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद जब दस्तावेज की पड़ताल की गई तो मामला फर्जीवाड़े का निकला।
सीएमएचओ की शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस
फर्जी आदेश की जानकारी सामने आने के बाद सीएमएचओ डॉ. राजेश अतुलकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की।पुलिस ने दस्तावेज तैयार करने, उसे भेजने और इसके पीछे के उद्देश्य की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
सीहोर निवासी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकेश पिता रामसिंह भोसले, निवासी श्यामपुरा, जिला सीहोर के रूप में हुई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी आदेश तैयार करने के पीछे उसका उद्देश्य क्या था।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित फर्जीवाड़े में आरोपी अकेला शामिल था या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है।
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सीएम के नाम और सरकारी लोगो के इस्तेमाल से बढ़ी गंभीरता
मुख्यमंत्री के नाम, तस्वीर और सरकारी प्रतीक का इस्तेमाल कर कथित तौर पर फर्जी आदेश तैयार करने का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि फर्जी लेटरहेड किस माध्यम से तैयार किया गया और इसे किन-किन लोगों तक भेजा गया।फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार करने के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं।





