रायपुर : छत्तीसगढ़ में इन दिनों ठंड और शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। उत्तर से लेकर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक सर्द हवाओं ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। खासकर सुबह और देर रात के समय तापमान गिरने से ठिठुरन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल प्रदेश को ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है और अगले दो दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
सरगुजा और बिलासपुर में कोहरे का असर
मौसम विभाग के मुताबिक सरगुजा संभाग के कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छा सकता है। वहीं बिलासपुर संभाग में भी एक-दो स्थानों पर कोहरे की स्थिति बन सकती है। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
Read More : SNCU में चूहों का आतंक, 40 नवजातों के इलाज के बीच सामने आई लापरवाही
तापमान में मामूली बदलाव के संकेत
प्रदेश में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद आगामी तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद ठंड का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
दिन में शुष्क मौसम, हल्की गर्मी
ठंड के बीच दिन के समय कई जिलों में हल्की से मध्यम गर्मी महसूस की जा रही है। 19 दिसंबर को दुर्ग में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। सुकमा, बालोद, बस्तर और दंतेवाड़ा में भी अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ठंडी हवाओं के कारण सर्दी, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं वाहन चालकों को कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
राहत के लिए करना होगा इंतजार
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में ठंड का दौर अभी जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल लोगों को ठंड से राहत के लिए कुछ और दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा।









