रायपुर : जनवरी के शुरुआती दिनों में ही छत्तीसगढ़ में ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में सुबह के वक्त घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। ठंडी हवाओं और कम दृश्यता के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। अंबिकापुर, पेंड्रा, अमरकंटक और सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
पेंड्रा और अमरकंटक में 4 डिग्री पर जमी ओस
प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों की बात करें तो मंगलवार को पेंड्रा और अमरकंटक ने अंबिकापुर को पीछे छोड़ दिया। यहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड इतनी तीव्र रही कि कई स्थानों पर ओस की बूंदें जमती नजर आईं। खेतों, छतों और खुले इलाकों में सफेद परत दिखाई दी, जिसने ठंड की गंभीरता को और बढ़ा दिया।
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शीतलहर से जनजीवन प्रभावित, बाजारों में सन्नाटा
कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग अलाव जलाकर और ऊनी कपड़ों का सहारा लेकर खुद को ठंड से बचाते नजर आए। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह ठंड चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।
रायपुर में देर तक छाया रहा कोहरा
राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में सुबह 11 बजे तक दृश्यता कम रही। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर का अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का अलर्ट, और गिरेगा तापमान
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है। ठंड का यह असर उत्तर छत्तीसगढ़ और मध्य भागों में ज्यादा देखने को मिल सकता है।
अन्य जिलों का तापमान हाल
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अंबिकापुर: न्यूनतम 9.9 डिग्री (सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक)
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बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर: न्यूनतम तापमान में 1 से 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी









