chhattisgarh coal scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को ईओडब्ल्यू ने 1500 पन्नों का दूसरा पूरक चालान रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया है। यह चालान मुख्य रूप से जेल में बंद नवनीत तिवारी और देवेंद्र डडसेना के खिलाफ दाखिल किया गया है। इसमें कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के फरार होने का भी जिक्र किया गया है।
chhattisgarh coal scam : यह मामला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उजागर हुआ था और इसे राज्य का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला माना जा रहा है। इससे पहले जुलाई 2024 में ईओडब्ल्यू ने 15 आरोपियों के खिलाफ पहला चालान पेश किया था, जिनमें आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई, संदीप कुमार नायक और व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी सहित कई बड़े नाम शामिल थे। इसके बाद अक्टूबर 2024 में मनीष उपाध्याय और रजनीकांत तिवारी के खिलाफ पहला पूरक चालान दाखिल हुआ था।
chhattisgarh coal scam : जांच में सामने आया है कि देवेंद्र डडसेना, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का निजी सहायक था और वह अवैध कोल लेवी से प्राप्त नकदी का रिसीवर और मध्यस्थ के रूप में कार्य करता था। रायपुर स्थित कांग्रेस भवन में “भवन” नाम से दर्ज खातों में हुए लेनदेन इसी अवैध गतिविधि से जुड़े बताए जा रहे हैं।
chhattisgarh coal scam : वहीं नवनीत तिवारी को ईओडब्ल्यू ने कोल लेवी सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य बताया है, जो सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर रायगढ़ में कोयला व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों से जबरन वसूली करता था। वह यह रकम रायपुर में अन्य सदस्यों तक पहुंचाता था और सूर्यकांत तिवारी की अवैध संपत्तियों का बेनामीदार भी था।
chhattisgarh coal scam : ईओडब्ल्यू ने बताया कि जांच में नए साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य संभावित आरोपियों की जांच अभी जारी है। यह दूसरा पूरक चालान कोल घोटाले की परतें और गहराई से उजागर करने वाला माना जा रहा है।













