Chhath Mahaparva : बुरहानपुर, मध्य प्रदेश। आस्था और पवित्रता का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा आज (मंगलवार) सुबह बुरहानपुर में ताप्ती नदी के राजघाट पर संपन्न हो गया। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही व्रती महिलाओं ने अपना कठिन व्रत पूर्ण किया। राजघाट पर छठ माता के जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा।
Chhath Mahaparva : भक्ति और श्रद्धा से सराबोर राजघाट
छठ पर्व के अंतिम दिन, ताप्ती नदी का राजघाट आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहा। व्रती महिलाएं पारंपरिक, साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर, नदी के जल में कमर तक खड़ी रहीं और भगवान भास्कर (सूर्य देव) को अर्घ्य अर्पित किया। पूरे वातावरण में पारंपरिक छठ गीतों की मधुर गूंज और दीपों की रोशनी ने घाट को दिव्य और भक्तिमय बना दिया।
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मनोकामनाएं पूर्ण करने का व्रत
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। समाजसेवी गौरी शर्मा ने कहा, “छठ माँ की कृपा से हम हर साल यहाँ आते हैं। यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। यहाँ का माहौल अत्यंत सुखद और उत्साहवर्धक होता है।”
व्रती मीरू सिंह ने बताया कि इस व्रत को पूरी श्रद्धा से करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं, एक अन्य व्रती शैलेश सिंह ने स्वीकार किया कि यह व्रत कठिन होता है, लेकिन श्रद्धा और भक्ति से हर कठिनाई सरल हो जाती है।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं रहीं माकूल
नगर प्रशासन की ओर से इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा, साफ-सफाई और ट्रैफिक की विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। श्रद्धालुओं ने प्रशासनिक व्यवस्था को ‘माकूल’ (पर्याप्त और संतोषजनक) बताया। चुस्त-दुरुस्त इंतजामों के कारण व्रतियों और अन्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा और महापर्व का समापन शांति और उल्लास के साथ हुआ।
सूर्य देव और छठ माता के जयघोष के बीच, व्रतियों ने अपनी संतानों के लिए आशीर्वाद मांगा और प्रसाद वितरण के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व की पूर्णता हुई।













