CG SIR NEWS : रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम के तहत राज्य चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस प्रक्रिया में कुल 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 मतदाताओं से एनरोलमेंट फॉर्म जमा किए गए थे, जिसके बाद 27 लाख 34 हजार 817 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
CG SIR NEWS : हटाए गए नामों में 6 लाख 42 हजार 234 ऐसे मतदाता शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। वहीं 19 लाख 13 हजार 540 मतदाता ऐसे पाए गए जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं या सत्यापन के दौरान अनुपस्थित थे। इसके अलावा 1 लाख 79 हजार 43 मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए।
CG SIR NEWS : ड्राफ्ट वोटर लिस्ट छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceochhattisgarh.nic.in पर उपलब्ध है। मतदाता EPIC नंबर, जिला, विधानसभा क्षेत्र, वार्ड या गांव और बूथ नंबर के माध्यम से अपना नाम सर्च कर सकते हैं। पूरी सूची डाउनलोड करने का विकल्प भी दिया गया है।
CG SIR NEWS : ड्राफ्ट लिस्ट पर दावा और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक चलेगी। फाइनल वोटर लिस्ट 21 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो वह पहले यह जांच कर सकता है कि उसका नाम स्थायी रूप से शिफ्टेड, अनुपस्थित या मृत श्रेणी में तो नहीं डाला गया है। इसके लिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट, ECINET मोबाइल ऐप, BLO या जिला निर्वाचन कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है।
CG SIR NEWS : ऑफलाइन जांच के लिए संबंधित क्षेत्र के बीएलओ या वार्ड कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट बीएलओ और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के पास भी उपलब्ध रहेगी।
CG SIR NEWS : अगर नाम सूची में नहीं मिलता है, तो मतदाता को अपने बीएलओ से संपर्क करना होगा। बीएलओ कारण बताएंगे और आवश्यक होने पर एसडीएम कार्यालय में पहचान दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज करवाई जा सकती है। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा।
CG SIR NEWS : यदि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने के बावजूद आपत्ति दर्ज नहीं की गई और दस्तावेज जमा नहीं किए गए, तो नाम फाइनल वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा और मतदाता का वोटर कार्ड अमान्य हो जाएगा। हालांकि, बाद में भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया खुली रहती है।
CG SIR NEWS : चुनाव आयोग के अनुसार वोटर लिस्ट का रिवीजन हर साल किया जाता है। SIR में नाम होना भविष्य के सत्यापन को आसान बनाता है और आगे दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं पड़ती। ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट, साथ ही दावा-आपत्ति की जानकारी राजनीतिक दलों के साथ भी साझा की जाएगी।













