CG School New Guidelines : रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों को अब पढ़ाई के साथ एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्राइमरी–मिडिल स्कूलों के प्रधान पाठक और हाई–हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्य अब स्कूल परिसर और आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों की निगरानी और रिपोर्टिंग भी करेंगे। यह कदम प्रदेश में बढ़ रहे डॉग-बाइट मामलों और सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद उठाया गया है।
CG School New Guidelines : लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि हर स्कूल में संस्था प्रमुख को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियाँ होंगी—
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स्कूल के आसपास दिखने वाले आवारा कुत्तों की सूचना ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग कैचर नोडल अधिकारी को देना।
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स्थानीय निकायों की मदद से स्कूल में कुत्तों के प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक प्रबंध करना।
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यदि किसी बच्चे को कुत्ता काट लेता है, तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की व्यवस्था करना।
इसके साथ ही पुराने निर्देशों को फिर दोहराया गया है कि सभी स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ—
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जानवरों के आसपास सावधानी बरतने का व्यवहार,
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कुत्ते के काटने पर प्राथमिक उपचार,
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और तुरंत सूचना देने की प्रक्रिया पर बच्चों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विभागों को बांटी गई जिम्मेदारियाँ
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य शासन ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर कई विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं। इनमें शामिल हैं—
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नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
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पशुधन विकास
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लोक निर्माण विभाग
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
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स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग
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राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC)
इस नई व्यवस्था के बाद अब स्कूलों को न सिर्फ शिक्षा, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।













