NH-30 Road Widening Delay: NH-30 चौड़ीकरण में देरी अब बस्तर के लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। जिस सड़क को बस्तर की लाइफलाइन कहा जाता है, उसी पर हर दिन लंबा जाम, कीचड़ और गहरे गड्ढे लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अनुमति, बजट और टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तब भी निर्माण कार्य आखिर शुरू क्यों नहीं हो पाया?
NH-30 चौड़ीकरण में देरी को लेकर पहले कहा जाता था कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान से गुजरने के कारण सड़क चौड़ीकरण की मंजूरी नहीं मिल रही है। लंबे इंतजार के बाद वन विभाग से अनुमति भी मिल गई। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही सड़क का निर्माण शुरू होगा, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी हालात नहीं बदले।
15 करोड़ जमा, टेंडर भी पूरा
NH-30 चौड़ीकरण में देरी के बीच लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग को करीब 15 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि जमा कर दी। इसके अलावा करीब 6.5 करोड़ रुपये का टेंडर भी पूरा हो चुका है। प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होना लोगों की समझ से बाहर है।
बारिश ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
NH-30 चौड़ीकरण में देरी का सबसे ज्यादा असर बारिश के मौसम में दिखाई दे रहा है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और गहरे गड्ढे बन गए हैं। कई बार भारी वाहन फंस जाते हैं, जिससे घंटों लंबा जाम लग जाता है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों, ग्रामीणों और वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
Read more: CG Vidhan Sabha Monsoon Session 2026: तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह के सवाल पर सीएम साय का जवाब: “छत्तीसगढ़ वेटलैंड अथॉरिटी से मांगे गए हैं दिशा-निर्देश”
ठेकेदार ने बताई नई वजह
NH-30 चौड़ीकरण में देरी को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, ठेकेदार ने डामर की कमी का हवाला देते हुए निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। हालांकि स्थानीय लोग इस तर्क से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो काम में लगातार देरी क्यों की जा रही है।
आंदोलन के बाद भी नहीं बदले हालात
NH-30 चौड़ीकरण में देरी को लेकर पिछले वर्ष स्थानीय लोगों ने आंदोलन भी किया था। उस समय प्रशासन ने जल्द सड़क सुधार और चौड़ीकरण का भरोसा देकर आंदोलन खत्म कराया था। लेकिन समय बीतने के बाद भी जमीन पर कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
हादसों का खतरा भी बढ़ा
NH-30 चौड़ीकरण में देरी केवल जाम तक सीमित नहीं है। खराब सड़क की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। बरसात में फिसलन, गड्ढे और संकरी सड़क सफर को और जोखिम भरा बना रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
अब लोगों की नजर जिम्मेदार विभाग पर
NH-30 चौड़ीकरण में देरी को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर निर्माण कार्य कब शुरू होगा। अनुमति मिल चुकी है, बजट जारी हो चुका है और टेंडर भी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद सड़क का काम रुका होना कई सवाल खड़े करता है। अब बस्तर के लोग जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार से जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि उन्हें जाम, कीचड़ और रोज की परेशानी से राहत मिल सके।







