दिलशाद अहमद, सूरजपुर। सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक अंतर्गत भास्कर पारा गाँव में आज प्रकाश इंडस्ट्रीज द्वारा संचालित कोल खदान के खिलाफ ग्रामीणों ने एक बार फिर सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी फर्जी तरीके से ग्राम सभा का प्रस्ताव तैयार कर खदान का कार्य कर रही है, जबकि ग्राम सभा ने कार्य के लिए कोई अनुमति नहीं दी है। ग्रामीण इस मामले में कंपनी से ग्राम सभा के ओरिजिनल रजिस्टर और दस्तावेज़ तुरंत प्रस्तुत करने की मांग कर रहे हैं। यह प्रदर्शन इसलिए भी गंभीर हो जाता है क्योंकि पिछले माह भी प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने इसी मांग पर अपना प्रदर्शन समाप्त किया था।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने प्रकाश इंडस्ट्रीज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। पिछले माह भी, ग्रामीणों ने कंपनी से कागजात की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। उस समय प्रशासन के ठोस आश्वासन पर ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था। हालांकि, प्रशासन के आश्वासन के बावजूद, ग्राम सभा के प्रस्तावों से जुड़े वास्तविक कागजात उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके कारण आज ग्रामीणों को मजबूरन दोबारा सड़क पर उतरना पड़ा। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कंपनी पर अवैध रूप से फर्जी ग्राम सभा के आधार पर कार्य कराने का आरोप लगाया है।
आज के प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी से मुख्य रूप से दो मांगें रखीं। पहली यह कि कंपनी द्वारा फर्जी ग्राम सभा के आधार पर कराए जा रहे कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए, और दूसरी यह कि ग्राम सभा के वास्तविक कागजात ग्रामीणों को प्रदान किए जाएं ताकि वे सच जान सकें। ग्रामीणों का तर्क है कि अगर कार्य वैध है, तो कंपनी को ग्राम सभा रजिस्टर जैसे मूल दस्तावेज़ प्रस्तुत करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। कंपनी द्वारा ओरिजिनल दस्तावेज़ प्रस्तुत न करना ही फर्जीवाड़े के आरोपों को बल दे रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम भैयाथान, चांदनी कंवर ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से बात की। एसडीएम कंवर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस पूरे प्रकरण की उचित और निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को विधिवत तरीके से कागजात लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। प्रशासन के उच्च अधिकारी द्वारा दिए गए इस ठोस आश्वासन के बाद, ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन शांत कर दिया।
प्रकाश इंडस्ट्रीज पर फर्जी ग्राम सभा प्रस्ताव के आधार पर कार्य करने के ये आरोप अत्यंत गंभीर हैं। प्रशासन के सामने अब यह बड़ी चुनौती है कि वह जल्द से जल्द इन आरोपों की सत्यता की जांच करे। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना अनिवार्य होगा। इस विवाद का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना आवश्यक है, ताकि स्थानीय ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा हो सके और औद्योगिक परियोजनाओं में कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जा सके।








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