Friday, May 15, 2026
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CG News : समाधान शिविर या घोटाले की स्कीम? 16 लाख की हेराफेरी पर बवाल….

मुंगेली। CG News : सुशासन तिहार और समाधान शिविर की आड़ में करीब 16 लाख रुपये के कथित गबन की शिकायत पर अब जिला प्रशासन ने कड़ाई से जांच शुरू कर दी है। इस घोटाले की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं, वहीं पंचायत सचिवों के बयान इस गड़बड़ी को और भी पेचीदा बना रहे हैं।

CG News : शिकायत कांग्रेस नेता और पार्षद दीपक साहू ने कलेक्टर जनदर्शन में दर्ज कराई थी, जिसके बाद कलेक्टर राहुल देव के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। इस टीम में करारोपण अधिकारी दिनेश सिंगरौल, मनरेगा प्रोग्रामर नवीन जायसवाल, और सहायक सांख्यिकी अधिकारी आशीष प्रताप सिंह शामिल हैं।

जांच दल ने पथरिया जनपद की संबंधित पंचायतों के सरपंचों व सचिवों को नोटिस जारी कर शुक्रवार को जनपद कार्यालय में कैशबुक, वाउचर फाइल, पासबुक और 2025-26 का जीपीडीपी दस्तावेज लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए।

डिजिटल सिग्नेचर से हुआ ट्रांजैक्शन, सचिव बोले – जानकारी नहीं

जनपद कार्यालय पहुंचे कई पंचायत सचिवों ने बताया कि अप्रैल माह में उनसे क्लोजिंग के नाम पर डिजिटल सिग्नेचर जमा कराया गया था। इस बीच, सुशासन तिहार और समाधान शिविर के नाम पर बड़ी राशि उनके खातों से स्थानांतरित की गई, लेकिन इन ट्रांजैक्शनों की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

कुछ सचिवों का यह भी दावा है कि सुशासन तिहार के अलावा अन्य मदों से भी कई राशियां ट्रांसफर की गई हैं, जिसकी भी उन्हें जानकारी नहीं दी गई। यह बयान प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इससे बड़ी वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिल रहे हैं।

ई-ग्रामस्वराज से मिले सबूत

शिकायतकर्ता दीपक साहू ने जांच समिति को बताया कि उन्हें सरपंचों से राशि काटे जाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर जाकर खुद तथ्यों की जांच-पड़ताल की। वहां राशि स्थानांतरण के प्रमाण मिले, जिनके आधार पर उन्होंने जिला प्रशासन को शिकायत सौंपी।

कौन जिम्मेदार?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सरपंच-सचिवों को राशि ट्रांसफर की जानकारी नहीं थी, तो डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग किसने किया? क्या किसी उच्च अधिकारी या सिस्टम ऑपरेटर ने बिना अनुमति राशि स्थानांतरित की?

जांच समिति सभी बयानों और दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे वित्तीय गबन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

राजनीतिक हलचल भी तेज

इस प्रकरण में कांग्रेस समर्थकों की उपस्थिति और जांच प्रक्रिया में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से यह मामला और भी राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। मौके पर पूर्व सभापति सम्पत जायसवाल और जिला कांग्रेस सचिव खेमू साहू भी मौजूद रहे।

अब देखना होगा कि जांच समिति की रिपोर्ट में क्या सामने आता है और क्या इस कथित गबन में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।

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