CG News : रायपुर – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की 25 लाख से ज्यादा आबादी के लिए एक बड़ी सौगात तैयार है। पहली बार शहर में एक साथ 7 नए ओवरब्रिज बनने जा रहे हैं, जिससे शहर के प्रमुख ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में भारी राहत मिलेगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसके लिए एक साल की समयसीमा तय की है और इसके लिए बजट को भी मंजूरी मिल चुकी है।
कहां बनेंगे नए ओवरब्रिज
1. कालीबाड़ी चौक से पुलिस लाइन गेट तक
इस मार्ग पर रोज़ाना करीब 35 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। 50 करोड़ की लागत से 1.5 किलोमीटर लंबा ओवरब्रिज बनेगा। सुबह 9:30 से 11:30 और शाम 5:30 से 7:30 के बीच भारी जाम की समस्या रहती है। बजट स्वीकृत हो चुका है।
2. फुंडहर चौक से टेमरी तक
एयरपोर्ट मार्ग पर बनने वाला यह फ्लाईओवर 30 करोड़ रुपये में 700 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा होगा। रोज़ाना 25 हजार गाड़ियों के दबाव को यह कम करेगा। सर्वे पूरा, बजट प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
3. अमलीडीह चौक से द्रोणाचार्य स्कूल तक
एमएमआई चौक से द्रोणाचार्य स्कूल तक बनने वाला यह ओवरब्रिज 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। केनाल लिंकिंग रोड पर बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करेगा। डीपीआर बन चुकी है।
4. गुढ़ियारी से एक्सप्रेस-वे तक
शुक्रवारी बाजार से स्टेशन की तरफ जाने वाले मार्ग को एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इससे शहर की बाहरी कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
5. मोवा: खालसा स्कूल से रिलायंस मार्ट तक
135 करोड़ की लागत से बनने वाला यह ओवरब्रिज सबसे महंगा है। यहां ट्रैफिक का भारी दबाव है और यह प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है।
6. भनपुरी चौक
रोज़ाना 50 हजार से अधिक वाहनों का भार झेलने वाले इस क्षेत्र में भी फ्लाईओवर की योजना है। अनुमानित लागत करीब 40 करोड़ है। इससे औद्योगिक क्षेत्र का संपर्क बेहतर होगा।
7. खारुन नदी ओवरब्रिज (रायपुर-पाटन लिंक)
60 करोड़ की लागत से बनने वाला यह पुल रायपुर और पाटन को जोड़ेगा। इससे प्रतिदिन 80 हजार से अधिक गाड़ियों को ट्रैफिक राहत मिलेगी। शासन के पास प्रस्ताव लंबित है।
Read More : Shaolin Temple Sex Scandal : बौद्ध धर्म की पवित्रता पर गंभीर सवाल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचा बवाल
PWD की रणनीति
पीडब्ल्यूडी ने सर्वेक्षण के जरिए उन स्थानों की पहचान की है जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएं होती हैं। ओवरब्रिज के जरिए हर प्रमुख सड़क पर औसतन 20 मिनट का सफर कम होगा और हादसों में भी गिरावट आने की उम्मीद है।
मंत्री का बयान
PWD मंत्री अरुण साव ने कहा कि “रायपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। इसी के अनुरूप शहर का ढांचागत विकास किया जा रहा है ताकि लोग ट्रैफिक में न फंसे और दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।”













