CG NEWS : कोरबा। कोरबा जिले में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कबाड़ माफिया इस कदर बेखौफ हो चुके हैं कि अब वे पुलिस को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला गेवरा-पेंड्रा रेल परियोजना से जुड़ा है। जिसे कबाड़ चोरों ने पिछले 10 दिन में अलग-अलग स्थानों पर करीब 2 करोड़ रूपये के रेलवे ट्रैक को काटकर चोरी कर ली है।
CG NEWS : इस रेल प्रोजेक्ट के मैनेजर ने आरोप लगाया है सारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कबाड़ चोर सुरक्षा कर्मियों को धमकाकर न केवल रेल लाइन की चोरी कर रहे है, बल्कि सुरक्षा में तैनात स्टाफ में दहशत फैलाने मौके पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ भी कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस में इस चोरी की शिकायत के बाद भी FIR दर्ज नहीं किया जा सका है। कबाड़ चोरों के आतंक से परेशान ठेका कंपनी ने अब ऐसे असुरक्षित हालात में काम नही कर पान की मजबूरी बताते हुए काम बंद करने की बात कह रही है।
CG NEWS : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बार फिर कबाड़ माफियाओं ने कानून व्यवस्था पर ग्रहण लगा दिया है। कबाड़ माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि कानून व्यवस्था बेबस नजर आ रही है। आलम ये है कि शहर के बीचों-बीच नहर पर बने लोहे के पुल की चोरी का मामला अभी ढंग से सुलझा भी नही था, कि चोरों ने इस बार निर्माणाधीन रेलवे लाइन के ट्रैक को ही काटकर करोड़ों रूपये का चूना लगा दिया है।
CG NEWS : दरअसल पूरा मामला बांकी मोंगरा और कटघोरा थाना क्षेत्र का है। आपको बता दे कि गेवरा-पेंड्रा रेल लाइन परियोजना के तहत 135 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। लेकिन इस रेलवे लाइन पर कबाड़ माफियाओं की बुरी नजर पड़ गयी है। रेल परियोजना का काम कर रहे ठेका कंपनी के चीफ प्रोजक्ट मैनेजर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मौजूदा वक्त में उनकी कंपनी द्वारा बांकीमोंगरा से कटघोरा के बीच रेल लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।
CG NEWS : जिसे पिछले 10 दिनों के भीतर कबाड़ चोरों ने अलग-अलग स्थानों पर काटकर बड़ा नुकसान पहुंचाया है। प्रोजक्ट मैनेजर सुरेंद्र कुमार की माने तो जांच के दौरान कबाड़ चोरों ने रेल पटरी के साथ ही रेलवे ट्रैक से जुड़े अन्य कीमती सामानों की चोरी कर ली है, जिसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ रूपये के लगभग है। उन्होने आरोप लगाया कि चोरी की घटना के दौरान कबाड़ चोर ना केवल सुरक्षाकर्मियों को धमकाते है, बल्कि मौके पर खड़ी वाहनों में भी जमकर तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने का प्रयास किया गया।
CG NEWS : इस घटना के बाद अब रेल लाइन बिछा रही ठेका कंपनी काफी दहशत में है। उन्होने ऐसे हालात में काम कर पाने में असमर्थता जता दी है। ऐसे में यदि समय रहते कबाड़ माफियाओं पर नकेल नही कसा गया, तो आने वाले वक्त में ना केवल ये रेल परियोजना समय से पिछड़ेगी, बल्कि कबाड़ माफिया इस परियोजना को और भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते है। जिसका डर ठेका कंपनी का सता रहा है।
CG NEWS : पुलिस में शिकायत के बाद भी दर्ज नही किया गया FIR
CG NEWS : गेवरा-पेंड्रा रेल लाइन परियोजना का काम कर रहे ठेका कंपनी के प्रोजक्ट मैनेजर ने बताया कि बीती रात बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के पंखा दफाई में कबाड़ चोरों ने कीमती रेल को काटकर ले गये। इसके साथ ही निर्माणाधीन रेल लाइन के कार्य के लिए खडेे हाइड्रा मशीन में भी जमकर तोड़फोड़ कर दहशत बनाने का प्रयास किया गया। उन्होने आरोप लगाया कि बांकीमोंगरा से कटघोरा के बीच अलग-अलग सूनसान स्थानोें पर कबाड़ चोरों ने निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक को काटकर चोरी कर लिया है। जिसकी शिकायत संबंधित पुलिस थाने में भी की गयी है। लेकिन पुलिस अधिकारी मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाये जांच के नाम पर एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रहे है।
CG NEWS : कोरबा जिले में पिछले डेढ़ साल से अवैध कारोबार पर लगभग अंकुश लगा हुआ था। लेकिन पिछले 6 से 8 माह की अवैध गतिविधियों पर नजर डाले, तो जिले में एक बार फिर कबाड़ और डीजल माफियाओं ने अपना सर उठाना शुरू कर दिया है। खदान क्षेत्र में जहां डीजल माफिया CISF जवानों पर जानलेवा हमला करने पर उतारू है। वहीं दूसरी तरफ सबसे सुरक्षित कहे जाने वाली रेलवे को भी कबाड़ी नहीं बख्श रहे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिले में वह कौन-सी ताकत है, जिसके संरक्षण में कबाड़ चोर खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं ?
CG NEWS : आखिर पुलिस इन अवैध कारोबारों के सरगना तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है ? या फिर पुलिस के निचले स्तर के अधिकारी जानबूझकर इन माफियाओं के गिरेबान पर हाथ डालने से कतरा रहे हैं ? ये वो सवाल हैं, जिन्होंने जिले की कानून व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि समय रहते पुलिस इन अवैध कारोबारियों पर नकेल कस पाती है, या फिर पुल चोरी के सरगना की तरह इस मामले के मास्टरमाइंड भी फरार ही रहते हैं….यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।













