रिपोर्टर – फकरे आलम खान/ बचेली। स्कूल शिक्षा विभाग ने देर रात जिला शिक्षा अधिकारियों की नवीन पदस्थापना सूची जारी की, जिसमें दंतेवाड़ा जिले में एक बार फिर प्राचार्य प्रमोद ठाकुर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इस आदेश को लेकर कांग्रेस नेता छविन्द्र कर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी को पहले विधानसभा में भाजपा के ही मंत्रियों के हस्तक्षेप पर हटाया गया था, उसे कुछ महीनों बाद दोबारा उसी जिले में डीईओ बना दिया गया।
Read News : CG News : बार काउंसिल के चुनावी रण में 105 उम्मीदवार, 23 हजार से अधिक वोट पड़े, BJP विधायक कौशिक भी पहुंचे
कर्मा ने आरोप लगाया कि प्रमोद ठाकुर हमेशा अपनी ऊंची पहुंच का इस्तेमाल कर मनपसंद जिलों में पदस्थापना करवाते हैं। दंतेवाड़ा उनका पसंदीदा जिला है, जहां वे कई बार निलंबित हो चुके हैं और उन पर भ्रष्टाचार के कई मामले विचाराधीन हैं। अब उनके पुनः डीईओ बनने से इन मामलों की जांच प्रभावित होगी।
कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात करती है, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को मलाईदार पदों पर बैठाकर उन्हें संरक्षण देती है। उन्होंने कहा कि प्रमोद ठाकुर जैसे अधिकारियों को केवल औपचारिक तौर पर निलंबित किया जाता है और फिर बहाल कर मलाईदार जिलों में भेज दिया जाता है।
छविन्द्र कर्मा ने चेतावनी दी कि प्रमोद ठाकुर की नई पदस्थापना शिक्षा विभाग में बड़े खेल की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा की मौजूदा स्थिति पहले से ही गंभीर है, विकास कार्य ठप हैं और भुगतान अटके हुए हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार के मामलों में घिरे अधिकारी की दोबारा नियुक्ति उचित नहीं है। अंत में उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा में ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जो निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ जिले को आगे बढ़ा सकें।











