CG NEWS : सक्ती, छत्तीसगढ़। सक्ती जिले के मातृ एवं शिशु अस्पताल में पिछले 5 महीने से एक हैरान कर देने वाली स्थिति बनी हुई है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में ताला लटका हुआ है, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस गंभीर समस्या की जड़ में अस्पताल के बीएमओ डॉ. सूरज राठौर की कथित मनमानी है।
CG NEWS : क्या है पूरा मामला?
दरअसल, अस्पताल में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पना राठौर अप्रैल से छुट्टी पर हैं। डॉ. कल्पना बीएमओ डॉ. सूरज राठौर की पत्नी हैं। आरोप है कि बीएमओ ने अपनी पत्नी की अनुपस्थिति में किसी अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। उनकी इस लापरवाही के कारण ऑपरेशन थिएटर पिछले 5 महीनों से बंद पड़ा है, जिससे गरीब और ज़रूरतमंद गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह मामला तब और भी ज़्यादा पेचीदा हो जाता है जब पता चलता है कि डॉ. सूरज राठौर ने कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान सीएमएचओ बनने पर अपनी पत्नी डॉ. कल्पना राठौर को ₹36 लाख के सालाना पैकेज पर इसी सरकारी अस्पताल में नियुक्त करवाया था। हालांकि, सरकार बदलने के बाद उन्हें सीएमएचओ के पद से हटाकर बीएमओ बनाया गया, लेकिन उनकी मनमानी अभी भी जारी है।
अधिकारियों की कोशिशें नाकाम
पिछले कुछ महीनों में वरिष्ठ अधिकारियों ने कई बार डॉ. सूरज राठौर से वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। उनके इस अड़ियल रवैये के कारण अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हैं।
अब, हाल ही में सक्ती की नई सीएमएचओ बनकर आईं डॉ. पूजा राठौर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत कलेक्टर से बात की है और एक नई स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए कदम उठाए हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही एक नए डॉक्टर की तैनाती के बाद ऑपरेशन थिएटर का ताला खुलेगा और गर्भवती महिलाओं को राहत मिल पाएगी।
यह घटना सरकारी अस्पतालों में व्याप्त मनमानी और लापरवाही की एक दुखद मिसाल है, जो सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है।












