CG BREAKING : रायपुर। भारतमाला परियोजना के मुआवजा घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो राजस्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अभनपुर के तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे, जो वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर पद पर पदस्थ हैं, तथा गोबरा नवापारा के तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण शामिल हैं।
CG BREAKING : इस मामले में EOW में अपराध क्रमांक 30/2025 दर्ज है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 467, 468, 471, 420, 409, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7सी और 12 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। मामला रायपुर-विशाखापट्टनम एवं दुर्ग-बायपास भारतमाला परियोजना सड़क निर्माण से जुड़ा है।
CG BREAKING : जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अधीनस्थ पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों, भूमाफियाओं और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित रूप से कूटरचित राजस्व अभिलेख तैयार करवाए। इसके माध्यम से प्रभावित भू-स्वामियों को वास्तविक राशि से कई गुना अधिक मुआवजा दिलाया गया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची।
CG BREAKING : दोनों अधिकारियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्चतम न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे निरस्त कर दिया गया था। उनके विरुद्ध विशेष न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा भी जारी की गई थी। मामले में कुर्की की कार्रवाई के लिए प्रकरण विशेष न्यायालय रायपुर में विचाराधीन है।
CG BREAKING : लगातार फरार चल रहे शशिकांत कुर्रे और लखेश्वर प्रसाद किरण को 11 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे मामले में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।













