नई दिल्ली : देश की सुरक्षा से जुड़े रक्षा मंत्रालय में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में विनोद कुमार नाम के एक निजी व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। सेना के एक जिम्मेदार अधिकारी का इस तरह के मामले में नाम आना बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है।
कैसे सामने आया पूरा मामला
CBI ने 19 दिसंबर को इस संबंध में केस दर्ज किया था। एजेंसी को रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कुछ कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच संदिग्ध लेन-देन की पुख्ता जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत मांगी और स्वीकार की।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
CBI अधिकारियों के अनुसार, शर्मा को बेंगलुरु स्थित एक कंपनी से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। यह रकम विनोद कुमार के जरिए पहुंचाई गई थी। एजेंसी का दावा है कि दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क था।
छापेमारी में करोड़ों की बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद CBI ने दिल्ली स्थित शर्मा के आवास पर छापा मारा, जहां से 2.23 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली के घर से भी 10 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
पत्नी और विदेशी कंपनी भी जांच के घेरे में
CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा, उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया है। जांच में दुबई की एक कंपनी की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।CBI का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
कौन हैं दीपक कुमार शर्मा?
लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा भारतीय सेना के अधिकारी हैं और रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में डिप्टी प्लानिंग ऑफिसर (इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड एक्सपोर्ट्स) के पद पर तैनात हैं। इसी पद पर रहते हुए उन पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। वे वर्तमान में नई दिल्ली में रहते हैं, जबकि उनका पारिवारिक संबंध राजस्थान के श्रीगंगानगर से है। उनकी उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली राजस्थान के श्रीगंगानगर में 16वीं इन्फैंट्री डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट (DOU) की कमांडिंग ऑफिसर हैं। इस मामले में उनका नाम भी सामने आया है, हालांकि अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।













