Burhanpur MP Gyaneshwar Patil : बुरहानपुर (22 फरवरी 2026): रंगों के त्योहार होली की आहट के साथ ही बुरहानपुर में इस बार पर्यावरण संरक्षण की गूंज सुनाई दे रही है। खंडवा-बुरहानपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने पेड़ों की कटाई रोकने और वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की है। सांसद ने स्वयं अपने हाथों से गोबर के उपले तैयार किए और नागरिकों को यह संदेश दिया कि परंपराओं का निर्वहन प्रकृति को नुकसान पहुँचाए बिना भी किया जा सकता है।
पेड़ों की रक्षा के लिए ‘गोबर’ का विकल्प सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि अक्सर होलिका दहन के नाम पर बड़ी मात्रा में हरे-भरे पेड़ों को काट दिया जाता है, जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि इस बार होलिका दहन में लकड़ियों के स्थान पर गोबर के उपलों का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे न केवल पेड़ों की रक्षा होगी, बल्कि वायुमंडल भी कम प्रदूषित होगा।
सांस्कृतिक परंपरा और प्रकृति का संगम सांसद ने संदेश दिया कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, इसलिए त्योहार मनाते समय प्रकृति की रक्षा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता अमोल भगत भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों को परंपरा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण की भावना से भी मनाना चाहिए।
इस पहल की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है और माना जा रहा है कि इस बार बुरहानपुर में ‘इको-फ्रेंडली’ होली का व्यापक असर देखने को मिलेगा।













