Boys Hostel : सिहावल (सीधी)। लोकायुक्त पुलिस रीवा की 12 सदस्यीय टीम ने सीधी जिले के सिहावल स्थित अनुसूचित जाति जूनियर बालक छात्रावास क्रमांक 2 में पदस्थ अधीक्षक अशोक पांडेय के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ा है। अधीक्षक को सेवानिवृत्ति के बाद GPF (सामान्य भविष्य निधि) की राशि जारी करने के एवज में ₹10,000 की रिश्वत मांगते हुए ट्रैप किया गया।
लोकायुक्त टीम के निरीक्षक उपेंद्र द्विवेदी से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम टिकरी, थाना मड़वास निवासी शिकायतकर्ता वशिष्ठ मुनि द्विवेदी ने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनकी सेवानिवृत्ति के पश्चात GPF की राशि निकालने के लिए छात्रावास अधीक्षक अशोक पांडेय द्वारा लगातार ₹10,000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
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शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को सिहावल स्थित छात्रावास परिसर में ट्रैप की योजना बनाई। दोपहर लगभग 1:00 बजे जब शिकायतकर्ता वशिष्ठ मुनि द्विवेदी रिश्वत की राशि अधीक्षक को देने पहुंचे, तो वहाँ पहले से कुछ पत्रकार मौजूद थे जो अधीक्षक का बयान दर्ज कर रहे थे। इस स्थिति को भाँपते हुए अधीक्षक ने पत्रकारों के सामने पैसे लेने से मना कर दिया।
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जैसे ही रिश्वत की राशि का लेनदेन होने वाला था, लोकायुक्त रीवा की टीम ने तत्काल छात्रावास परिसर में दबिश दे दी और अधीक्षक अशोक पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम के निरीक्षक उपेंद्र द्विवेदी ने मौके पर मौजूद पत्रकारों को मौखिक रूप से घटना की जानकारी दी, हालांकि उन्होंने विस्तृत बयान देने से मना कर दिया।
फिलहाल, लोकायुक्त रीवा की टीम गिरफ्तार अधीक्षक अशोक पांडेय को लेकर सिहावल के रेस्ट हाउस पहुँची है, जहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त की इस बड़ी कार्रवाई से जिले के शासकीय महकमों में हड़कंप मच गया है।











