Bilaspur High Court : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ईएसआईसी योजना के अंतर्गत इलाज करा रही 28 वर्षीय शोभा शर्मा के गलत ऑपरेशन वाले मामले में कड़ा रूख अपनाया है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि लालचंदानी अस्पताल और आरबी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बिलासपुर में डॉक्टरों ने लापरवाही बरतते हुए गलत पैर का ऑपरेशन कर दिया। डॉक्टरों ने पहले दाएं घुटने पर सर्जरी कर दी, जबकि चिकित्सा फाइल में बाएं घुटने का इलाज लिखा हुआ था। बाद में मामले को सुधारने के नाम पर बाएं घुटने का भी ऑपरेशन कर दिया गया।
Bilaspur High Court : पीड़िता की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद वह न सिर्फ चलने-फिरने में असमर्थ हो गई बल्कि कई बार री-ट्रीटमेंट करवाना पड़ा। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची। इस दौरान बनी जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में लापरवाही को नगण्य बताया, लेकिन हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को अवैध करार दिया।
READ MORE : Bilaspur Suicide Case : शिवनाथ नदी में मैकेनिकल इंजीनियर ने छलांग लगाकर की आत्महत्या….
अदालत ने कहा कि समिति नियम 18 के अनुसार गठित नहीं की गई थी और इसका नेतृत्व डिप्टी कलेक्टर को करना चाहिए था, जो नहीं किया गया। इसलिए हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग और संबंधित जिला प्रशासन को नई हाई-लेवल कमेटी गठित करने का आदेश दिया है, जिसमें चिकित्सकीय विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चार महीने के भीतर नई जांच रिपोर्ट पेश की जाए।
शोभा शर्मा के वकील का कहना है कि यह सिर्फ एक मरीज की नहीं बल्कि सिस्टम की सुरक्षा का मामला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई जांच में सच सामने आएगा और पीड़िता को न्याय मिलेगा।









