Bijapur News: बीजापुर: नक्सलियों की केंद्रीय समिति और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) ने शांति वार्ता की किसी भी संभावना को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। सोमवार को जारी तीन पन्नों के संयुक्त प्रेस नोट में दोनों संगठनों ने कहा कि वे न तो हथियार छोड़ेंगे और न ही किसी वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
Bijapur News: प्रवक्ताओं अभय और विकल्प के अनुसार, हाल ही में जो बयान मीडिया में सामने आया था, वह पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू का निजी निर्णय था, पार्टी का नहीं। उनका कहना है कि इसे संगठन के फैसले की तरह प्रस्तुत करना भ्रम फैलाने जैसा है।
Bijapur News: नक्सलियों का यह भी कहना है कि इस तरह के बयान संगठन को भीतर से कमजोर कर सकते हैं और विभाजन पैदा कर सकते हैं। उनके मुताबिक, हथियारबंद संघर्ष छोड़ना उनकी विचारधारा से समझौता करने जैसा होगा।
Bijapur News: 17 सितंबर को ‘अभय’ नाम से वायरल हुए एक प्रेस नोट और ऑडियो क्लिप में दावा किया गया था कि माओवादी बदलते हालात को देखते हुए शांति वार्ता के लिए तैयार हैं। इसमें यह भी कहा गया था कि यह पहल पार्टी के पूर्व महासचिव बसवा राजू की इच्छा के अनुरूप है।
Bijapur News: अब संगठन का कहना है कि न तो वह बयान पार्टी की ओर से था और न ही उसमें कही गई बातें संगठन की सोच का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रेस नोट में सोनू के बयान की आलोचना करते हुए उसे पूरी तरह अस्वीकार किया गया है।
Bijapur News: सुरक्षाबलों का दबाव और नक्सलियों की प्रतिक्रिया
Bijapur News: पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों पर भारी दबाव बनाया है। मई में कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के तहत 31 नक्सली मारे गए। इसके अलावा 21 मई को 27 नक्सली ढेर हुए, जिनमें डेढ़ करोड़ का इनामी नेता बसवा राजू भी शामिल था।
Bijapur News: हाल ही में गरियाबंद में हुई मुठभेड़ में पांच करोड़ के इनामी मोडेम बालकृष्ण समेत 10 नक्सली मारे गए। इनमें ओडिशा स्टेट कमेटी के कई शीर्ष सदस्य शामिल थे। इन सब घटनाओं के बाद शांति वार्ता की अटकलें एक बार फिर चर्चा में आई थीं।
Bijapur News: गृहमंत्री अमित शाह का बयान
Bijapur News: 24 अगस्त 2024 को रायपुर में एक समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद से बस्तर और आसपास के इलाकों में ऑपरेशन और तेज हो गए हैं।
Bijapur News: शांति वार्ता की पृष्ठभूमि
Bijapur News: पिछले पांच महीनों में नक्सलियों की ओर से दो बार वार्ता के संकेत दिए गए। पहली बार अभय के नाम से जारी एक पर्चे में कहा गया था कि अगर सुरक्षाबलों का ऑपरेशन रुका तो वे बातचीत को तैयार हैं।
Bijapur News: छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने उस समय कहा था कि सरकार बिना शर्त किसी भी सार्थक संवाद के लिए तैयार है, लेकिन नक्सलियों को संविधान की मान्यता स्वीकार करनी होगी।
Bijapur News: नक्सली इतिहास की कुछ बड़ी घटनाएं
2007 में रानी बोदली पर हमले में 55 जवान शहीद हुए थे।
2010 में ताड़मेटला में 76 जवानों की शहादत हुई, इसे देश की सबसे बड़ी नक्सली घटना माना गया।
पिछले 25 वर्षों में 1324 सुरक्षाकर्मी नक्सली हिंसा में जान गंवा चुके हैं, जबकि 1510 से अधिक नक्सली मारे गए हैं।
Bijapur News: शांति वार्ता को लेकर फैली उम्मीदों को नक्सलियों ने सिरे से खारिज कर दिया है। संगठन का रुख साफ है कि वे हथियारबंद संघर्ष को क्रांति का जरिया मानते हैं और इसके बिना उनके लिए कोई रास्ता नहीं है।
Bijapur News: अब सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सामने यही विकल्प बचता है कि वे अपने अभियान को और प्रभावशाली बनाते हुए तय की गई समयसीमा के भीतर नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करें।











