Bihar Election Result/पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के बीच एनडीए की जबरदस्त बढ़त ने साफ कर दिया है कि राज्य की सत्ता एक बार फिर नीतीश कुमार के हाथ में रहने जा रही है। दोपहर तक के आंकड़ों के अनुसार एनडीए 200 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है, जिसके साथ यह गठबंधन ऐतिहासिक बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है। जेडीयू और बीजेपी दोनों का प्रदर्शन शानदार रहा है, जबकि महागठबंधन सिर्फ 40–50 सीटों पर सिमटता हुआ नजर आ रहा है।
तेजस्वी यादव राघोपुर से पीछे, आरजेडी का खराब प्रदर्शन
इस चुनावी जंग में सबसे बड़ा झटका आरजेडी और तेजस्वी यादव को लगा है। राघोपुर से तेजस्वी यादव खुद पीछे चल रहे हैं। महागठबंधन के प्रमुख चेहरे होने के बावजूद तेजस्वी अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। छपरा से खेसारी लाल यादव भी पिछड़ रहे हैं, जिससे आरजेडी की हालत और कमजोर दिख रही है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) भी इस बार चुनावी परीक्षण में फेल होती दिख रही है और लगभग सभी सीटों पर पीछे चल रही है।
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बीजेपी और जेडीयू की मजबूत पकड़
Bihar Election Result पूरे बिहार में बीजेपी और जेडीयू के उम्मीदवारों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बीजेपी कई अहम सीटों पर बढ़त बनाए हुए है—जिसमें दरभंगा, जहाले, साहेबगंज, तारापुर, लखीसराय, बिहारशरीफ, बछवाड़ा, दीघा और पटना शहर शामिल हैं।
जेडीयू के दिग्गज नेता—विजय चौधरी, श्रवण कुमार, बिजेंद्र यादव और लेसी सिंह भी अपनी सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं। इससे नीतीश कुमार का लगातार पाँचवाँ कार्यकाल लगभग पक्का माना जा रहा है।
महिला वोटों ने दिलाई नीतीश को निर्णायक बढ़त
इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी महिला मतदाताओं का ऐतिहासिक मतदान रहा। महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.78% तक पहुंच गया, जो पुरुषों के 62.98% से कहीं अधिक है।
Bihar Election Result नीतीश कुमार की साइकिल योजना, स्वयं सहायता समूह, शराबबंदी, स्कूल-कॉलेज प्रोत्साहन और महिला सुरक्षा योजनाओं का सीधा फायदा एनडीए को मिला। महिला मतदाताओं का झुकाव बड़े पैमाने पर जेडीयू-बीजेपी गठबंधन की ओर रहा, जिसने चुनावी परिणामों की दिशा तय कर दी।
महागठबंधन महिला वोटों को साधने में बुरी तरह नाकाम
तेजस्वी यादव की “माई बहन मान” योजना चुनाव के अंतिम दिनों में ही उभरी और महिलाओं पर वह प्रभाव नहीं डाल सकी जो जेडीयू की वर्षों पुरानी योजनाओं का था। महागठबंधन महिला वोटरों के बीच विश्वास पैदा नहीं कर पाया, जबकि यह चुनाव महिला वोट बैंक की शक्ति ने निर्णायक रूप से तय किया।
नीतीश कुमार की पाँचवीं वापसी लगभग तय
एनडीए की भारी बढ़त और जेडीयू के मजबूत प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में नीतीश एक बार फिर केंद्रीय चेहरे के रूप में उभरेंगे।अगर अंतिम नतीजे भी ऐसे ही आए, तो नीतीश कुमार अपनी लगातार पाँचवीं जीत दर्ज करेंगे और बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता के रूप में अपना रिकॉर्ड और मजबूत कर लेंगे।













