भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कई बड़े मुद्दों पर हलचल देखने को मिली। आउटसोर्स कर्मचारियों के आंदोलन से लेकर रैगिंग की शिकायतें, नरवाई जलाने पर सख्ती और गैस संकट तक कई मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
आउटसोर्स कर्मियों का हक को लेकर आंदोलन
आउटसोर्स कर्मियों के समर्थन में मजदूर संघ ने आज प्रदेशभर में आंदोलन का ऐलान किया है। भोपाल सहित सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
संघ का कहना है कि निगम, मंडल और सरकारी विभागों में काम करने के बावजूद कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वेतन, सेवा सुरक्षा, बोनस और अवकाश जैसे मुद्दों पर लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
एमपी के शिक्षण संस्थानों में रैगिंग का मामला
राज्य के तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की शिकायतों से हड़कंप मच गया है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर से शिकायतें सामने आई हैं।
UGC ने इस मामले में नोटिस जारी किया है। शिकायत वाले संस्थानों में भोपाल का बीयू, ग्वालियर का लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट और इंदौर का इंडेक्स मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। हॉस्टलों में जूनियर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं।
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नरवाई जलाने पर सख्ती, 100 से ज्यादा किसान जांच में
भोपाल में नरवाई जलाने वाले किसानों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। सैटेलाइट की मदद से खेतों की पहचान की जाएगी और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
अब तक 100 से अधिक किसानों के खिलाफ कार्रवाई की सूची तैयार की जा रही है। पटवारियों को खसरे के आधार पर रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
गैस संकट और एजेंसियों पर मनमानी का आरोप
भोपाल में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए खुद गोदाम तक जाना पड़ रहा है।
इसके बावजूद एजेंसियों द्वारा 35 रुपये तक डिलीवरी चार्ज वसूले जाने की शिकायत सामने आई है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है।











