भोपाल: देहरादून में पेपर लीक मामले के छात्रों के प्रदर्शन का वीडियो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसके बाद मध्य प्रदेश में सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया।
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पोस्ट को लेकर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “वे (दिग्विजय और राहुल गांधी) सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। जैसे आजादी के समय जिन्ना सत्ता के लिए भूखा था, उसी तरह आज कांग्रेस के नेता भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। इनकी भड़काऊ हरकतों से देश में आगजनी और लूटपाट का माहौल बन सकता है। मैं सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह करूंगा कि इन नेताओं के भड़काऊ पोस्ट पर संज्ञान लिया जाए और उन्हें सजा दी जाए।”
कांग्रेस ने भी पलटवार किया। कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि “बीजेपी और एबीवीपी के समर्थक यदि छात्रों के आंदोलन से परेशान हैं, तो वे गवर्नेंस की कमी पर ध्यान दें। दिग्विजय सिंह ने केवल वीडियो शेयर किया, और बीजेपी इसे बगावत का मुद्दा बना रही है। उनके इस बयान से देश की युवा पीढ़ी की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।”
दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में छात्रों के प्रदर्शन को दिखाते हुए शैक्षिक और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देने की बात की थी, जिसे बीजेपी नेताओं ने भड़काऊ बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला केवल शैक्षिक आंदोलन का है, लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने इसे सत्ता और विरोध का मुद्दा बना दिया है।
इस बीच सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई है। कांग्रेस समर्थक नेताओं ने छात्रों के समर्थन में पोस्ट शेयर किए, जबकि बीजेपी समर्थक नेताओं ने इसे देशविरोधी गतिविधि बताकर आलोचना की।
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इस विवाद ने मध्य प्रदेश की सियासत में नया बहस का मुद्दा खड़ा कर दिया है, जहां शिक्षा और राजनीतिक बयानबाजी का संगम नजर आ रहा है।
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रामेश्वर शर्मा, बीजेपी विधायक: “दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी भारत को जलाने और सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह है कि कार्रवाई की जाए।”
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भूपेंद्र गुप्ता, प्रवक्ता, एमपी कांग्रेस: “बीजेपी दोमुंही बातें कर रही है। छात्रों के आंदोलन को रोकने की बजाय गवर्नेंस सुधारें। दिग्विजय सिंह ने केवल वीडियो शेयर किया।”











