भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज से दो दिवसीय IPS सर्विस मीट की शुरुआत हो गई है। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित इस मीट का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, वरिष्ठ IPS अधिकारी और उनके परिजन भी शामिल हुए।
साइबर अपराध, ड्रग्स और ट्रैफिक सुरक्षा पर मंथन
IPS सर्विस मीट में अलग-अलग सत्रों के माध्यम से साइबर अपराध, नारकोटिक्स, ड्रग्स नियंत्रण और रोड सेफ्टी जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है, जिनमें IPS अधिकारियों के परिवारजन भी भाग लेंगे।
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DGP की मांग: पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड जरूरी
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए DGP कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री से पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। साथ ही उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए मैनपावर बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
नक्सलवाद खत्म, अब ड्रग्स पर अगला वार
DGP ने बताया कि प्रदेश में नक्सल समस्या अब समाप्त हो चुकी है और अब 1 अप्रैल 2026 से अगले तीन वर्षों तक ड्रग्स और नारकोटिक्स के खिलाफ मिशन चलाया जाएगा। हाल ही में रतलाम में 9 किलो एमडीएम ड्रग्स की जब्ती इसका उदाहरण है।
CM मोहन यादव का बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस लोकतंत्र को मजबूत करने की सबसे अहम कड़ी है। उन्होंने नक्सलवाद खत्म करने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि 2026 को प्रेरणा का वर्ष बनाया जाएगा।
CM ने DSP और अतिरिक्त SP के प्रमोशन, 7,500 से 10,000 नई भर्तियों और इन्वेस्टिगेशन अलाउंस बढ़ाने के संकेत भी दिए।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा— “मध्य प्रदेश में संगठित अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।”













