भिलाई : भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पिछले पांच दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। “भिलाई नहीं बिकने देंगे” के नारे के साथ चल रहे इस भिलाई सत्याग्रह ने अब स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। विधायक का कहना है कि यह आंदोलन भिलाई से जुड़ी उन गंभीर समस्याओं को लेकर है, जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।
निजीकरण के खिलाफ खुला मोर्चा
देवेंद्र यादव ने 20 दिसंबर से भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका सीधा आरोप है कि भिलाई की ऐतिहासिक बसाहट और सार्वजनिक संसाधनों को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-9, सेक्टर-4 और सेक्टर-3 की बसाहट खत्म करने की साजिश हो रही है।इसके अलावा सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण, स्कूलों, मैत्रीबाग, टाउनशिप के व्यापारियों, रिटेंशन स्कीम और आवासीय यूनिट्स को लेकर भी स्पष्ट नीति सामने नहीं आई है।
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BSP प्रबंधन से बातचीत बेनतीजा
विधायक का आरोप है कि भिलाई स्टील प्लांट (BSP) प्रबंधन इन मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रहा। अब तक हुई बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। इसी वजह से आंदोलन और तेज होता जा रहा है।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे विधायक के स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों में चिंता बढ़ गई है। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। हालांकि देवेंद्र यादव का कहना साफ है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
भिलाई की राजनीति में उबाल
इस भूख हड़ताल ने भिलाई में प्रशासन और BSP प्रबंधन पर दबाव बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों का समर्थन भी धीरे-धीरे बढ़ता नजर आ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।











