Bemetara CMHO: बेमेतरा: प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि CMHO बेमेतरा के विरुद्ध संघ द्वारा की गई शिकायत का PLP प्रोत्साहन राशि से संबंधित जांच से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। दोनों प्रकरणों की प्रकृति एवं विषय अलग-अलग हैं, इसलिए इन्हें आपस में जोड़कर प्रस्तुत करना मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
Bemetara CMHO: संघ के अनुसार, CMHO बेमेतरा द्वारा जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं मीडिया के समक्ष PLP जांच का हवाला देकर यह धारणा बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि CHO संघ की शिकायत PLP प्रोत्साहन राशि की जांच के कारण की गई है। संघ ने इस प्रकार की प्रस्तुति पर आपत्ति जताते हुए दोनों मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
महिला कर्मचारियों की गरिमा एवं सुरक्षित कार्य वातावरण का विषय अलग
संघ ने कहा कि वर्तमान शिकायत का मूल विषय कार्यस्थल पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमा, सम्मान, सुरक्षित कार्य वातावरण एवं कथित अनुचित व्यवहार से संबंधित है। यह विषय किसी भी वित्तीय या PLP जांच से स्वतंत्र है।
इसलिए किसी वित्तीय जांच का हवाला देकर कार्यस्थल से संबंधित शिकायत को कमजोर अथवा भटकाना उचित नहीं है। शिकायत सही है या गलत, इसका निर्णय केवल निष्पक्ष जांच के बाद ही होना चाहिए।
PLP केवल CHO संवर्ग तक सीमित नहीं
संघ ने स्पष्ट किया कि PLP प्रोत्साहन राशि केवल CHO को मिलने वाली राशि नहीं है। संबंधित स्वास्थ्य केंद्र/क्षेत्र के निर्धारित स्वास्थ्य सूचकांकों एवं डेटा के आधार पर पात्रता के अनुसार अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ-साथ मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संबंधित भुगतान भी प्रक्रिया का हिस्सा होता है।
इसी प्रकार पोर्टल पर दर्ज डेटा भी केवल CHO द्वारा स्वतंत्र रूप से तैयार नहीं किया जाता। विभिन्न स्तरों से प्राप्त जानकारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संकलित, सत्यापित एवं प्रमाणित किए जाने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
अनियमितता है तो पूरी प्रक्रिया की जांच हो
प्रदेश संघ ने स्पष्ट कहा कि यदि PLP प्रोत्साहन राशि के भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो संघ स्वयं भी त्वरित, निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच का समर्थन करता है।
लेकिन जांच केवल CHO संवर्ग तक सीमित नहीं होनी चाहिए। डेटा उपलब्ध कराने, संकलन, सत्यापन, प्रमाणन, पोर्टल पर लॉक करने तथा भुगतान प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई एवं आवश्यकतानुसार राशि की वसूली की जाए।
दोनों प्रकरणों को अलग-अलग रखकर जांच कराए शासन
प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:
1. PLP प्रोत्साहन राशि प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच हो।
2. जांच पूरी प्रक्रिया एवं सभी संबंधित स्तरों की जिम्मेदारी तय करते हुए हो।
3. CMHO बेमेतरा के विरुद्ध प्रस्तुत कार्यस्थल संबंधी शिकायत की स्वतंत्र जांच हो।
4. महिला कर्मचारियों की गरिमा एवं सुरक्षित कार्य वातावरण से जुड़े आरोपों की निष्पक्षता से जांच की जाए।
5. दोनों प्रकरणों को आपस में जोड़कर किसी एक शिकायत को प्रभावित अथवा कमजोर न किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि संघ किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई का समर्थन करता है, चाहे वह किसी भी संवर्ग या पद पर हो। साथ ही CMHO के विरुद्ध प्रस्तुत शिकायत की भी स्वतंत्र, पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि “दो अलग-अलग विषयों को एक साथ जोड़ने के बजाय शासन-प्रशासन प्रत्येक मामले की प्रकृति के अनुसार स्वतंत्र जांच कराए। इससे वास्तविक तथ्यों और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान हो सकेगी तथा किसी भी संवर्ग के प्रति एकपक्षीय धारणा बनने से भी बचा जा सकेगा।”
Bemetara CMHO: संघ की दो टूक मांग
«“PLP की जांच हो — लेकिन पूरी प्रक्रिया की जांच हो।
CMHO के विरुद्ध शिकायत की जांच हो — लेकिन स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हो।
दोनों प्रकरणों को जोड़कर मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास न किया जाए।”»

