निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में जल संकट का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बोरिंग से लाल और काले रंग का पानी निकलने से ग्रामीणों और किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यह समस्या पानसेमल तहसील के ग्राम पंचायत बालझिरी के रामा फलिया में पिछले एक साल से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
बोरिंग से निकल रहा दूषित पानी
स्थानीय निवासी मुकेश हलवदार डावर के अनुसार, उनके खेत सहित आसपास के कई ट्यूबवेल से हल्के लाल और काले रंग का पानी निकल रहा है। इस पानी का उपयोग न तो पीने के लिए किया जा सकता है और न ही खेती के लिए सुरक्षित माना जा रहा है।
फसल को भारी नुकसान
दूषित पानी के कारण किसानों की फसल पर भी बुरा असर पड़ा है। मुकेश डावर ने बताया कि उनकी मक्का की फसल एक बार पूरी तरह खराब हो चुकी है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब स्थिति यह है कि किसान खेती को लेकर भी चिंतित हैं।
पेयजल के लिए भटक रहे ग्रामीण
ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूसरे खेतों या दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे न केवल समय और श्रम की बर्बादी हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि पानी का लाल या काला रंग जमीन में आयरन, मैंगनीज या अन्य रासायनिक तत्वों की अधिकता का संकेत हो सकता है। ऐसे पानी का लंबे समय तक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
प्रशासन का आश्वासन
इस मामले में तहसीलदार सुनील सिसोदिया ने कहा है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। उन्होंने स्थानीय निकाय और पीएचई विभाग के साथ मिलकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और समस्या के समाधान के प्रयासों की बात कही है।
एक साल बाद भी नहीं मिला समाधान
गौरतलब है कि इस समस्या की शिकायत वर्षाकाल में भी सामने आई थी और पानी के सैंपल भी लिए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।फिलहाल, रामा फलिया के ग्रामीण जल संकट से जूझ रहे हैं और जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।











