जबलपुर : मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में रविवार सुबह एक बच्चे समेत दो और शव बरामद किए गए। इसके साथ ही हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। मृतकों में 9 वर्षीय मयूरन और उसके चाचा कामराज शामिल हैं, जो तमिलनाडु के त्रिची के रहने वाले थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जानकारी के अनुसार कामराज जबलपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में मशीनिस्ट के पद पर कार्यरत थे। वह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ बरगी डैम घूमने पहुंचे थे। परिवार के कुल सात सदस्य क्रूज में सवार हुए थे, जबकि उनके सास-ससुर घाट पर ही रुक गए थे।हादसे में कामराज की पत्नी और उनके साले की पत्नी की भी मौत हो गई। वहीं उनके बेटे और भतीजी को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बचा लिया।
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रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिले शव
रविवार सुबह चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान मयूरन और कामराज के शव बरामद किए गए। प्रशासन ने पहले ही काकुलाझी और सौभाग्यम के शव परिजनों को सौंप दिए थे।
जिला प्रशासन की मदद से दोनों शवों को कार्गो विमान के जरिए तमिलनाडु भेजा गया। हादसे के बाद परिवार के बचे सदस्य गहरे सदमे में हैं।
क्रूज की फिटनेस पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद क्रूज संचालन और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी सामने आई है कि दुर्घटनाग्रस्त क्रूज का अंतिम फिटनेस टेस्ट वर्ष 2023 में हुआ था।
जब अधिकारियों से इस संबंध में सवाल किया गया तो स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी। इससे प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर संचालित क्रूज और बोट सेवाओं की नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है। यदि फिटनेस टेस्ट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।अब हादसे की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या क्रूज निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित किया जा रहा था या नहीं।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
लगातार बढ़ते मृतकों के आंकड़े के बाद प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोग और मृतकों के परिजन हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।बरगी डैम हादसे ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन की वास्तविक स्थिति को सामने ला दिया है।









