नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब त्योहार मना रहे यहूदी समुदाय पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस भीषण हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पुलिस ने बताया कि एक हमलावर को गोली लगने के बाद नाकाम किया गया, जबकि दूसरा संदिग्ध हमलावर पकड़कर हिरासत में लिया गया है। फिलहाल दोनों की सुरक्षा में निगरानी जारी है।
बीच पर मची अफरा-तफरी, गोलियों की आवाज से दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि नॉर्थ बॉन्डी बीच पर सैकड़ों लोग रेत पर इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान तेज गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते हुए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखे।
हाई-पावर हथियारों से लैस थे हमलावर
घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो में काले कपड़े पहने दो युवक सड़क पर खड़े होकर हाई-पावर हथियारों से फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि हथियार शॉटगन जैसे थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हमलावर को मौके पर ही गोली मार दी, जबकि दूसरे को ज़िंदा पकड़ लिया गया। दोनों अब पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
Active shooting at Bondi Beach in Sydney
Horrible footages
Looks like Zionist lobby started some massive false flag
Evils like Laura Loomer were signalling this for a while nowpic.twitter.com/uxdlle62qD
— Furkan Gözükara (@FurkanGozukara) December 14, 2025
यहूदी समुदाय को घरों में रहने की सलाह
घटना के बाद यहूदी बोर्ड ऑफ डेप्युटीज ने सुरक्षा को देखते हुए यहूदी समुदाय से घरों में ही रहने की अपील की है। बोर्ड ने अगले आदेश तक सभी धार्मिक और सामुदायिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। संगठन ने कहा कि पुलिस और सरकारी एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हालात की समीक्षा की जा रही है।
आम नागरिक की बहादुरी बनी जीवनरक्षक
इस हमले के बीच एक आम नागरिक की बहादुरी भी सामने आई है। वायरल वीडियो में देखा गया कि एक व्यक्ति, सफेद शर्ट और काली पैंट पहने हुए, गोलियों के बीच आगे बढ़ता है और हमलावर से राइफल छीनकर उसे जमीन पर गिरा देता है। उसकी इस सूझबूझ और साहस से कई लोगों की जान बच गई।
30 साल में सबसे बड़ी मास शूटिंग
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना ऑस्ट्रेलिया में पिछले 30 वर्षों की सबसे बड़ी मास शूटिंग मानी जा रही है। इससे पहले 1996 में पोर्ट आर्थर नरसंहार हुआ था, जिसके बाद देश में कड़े गन कंट्रोल कानून लागू किए गए थे।
पीएम अल्बनीज का बयान
प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज ने घटना को “बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और इमरजेंसी सेवाएं पूरी ताकत से राहत कार्य में जुटी हैं और सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।













