निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कॉन्फ्रेंस स्थल के प्रवेश द्वार पर एक सुरक्षा अधिकारी उन्हें रोककर आईडेंटिटी कार्ड सही तरीके से दिखाने के लिए कहता नजर आता है।
एंट्री गेट पर हुई सामान्य सुरक्षा जांच
जानकारी के अनुसार असीम मुनीर अपनी टीम के साथ सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने सामान्य प्रोटोकॉल के तहत पहचान पत्र की जांच की। इसी दौरान अधिकारी ने उनके कार्ड को सामने की ओर घुमाने के लिए कहा, जिसका वीडियो अब व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।कई विश्लेषकों का मानना है कि यह नियमित सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा था, जबकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
Field Marshal Asim Munir’s ID check overseas fuels debate over his dignity and popularity pic.twitter.com/VWAuehwC5c
— PAK Lens (@paklens) February 14, 2026
सम्मेलन के बाहर विरोध प्रदर्शन
म्यूनिख में सिंधी राजनीतिक संगठन जीयै सिंध मुत्ताहिदा महाज़ (JSMM) के सदस्यों ने असीम मुनीर की मौजूदगी का विरोध करते हुए कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से ध्यान देने की मांग की।
JSMM के चेयरमैन शफी बुरफत ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और जर्मन सरकार से अपील करते हुए कहा कि ऐसे वैश्विक मंचों पर इस तरह की उपस्थिति चिंताजनक है।
क्या है म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस का महत्व?
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस दुनिया के सबसे प्रमुख वैश्विक सुरक्षा मंचों में से एक माना जाता है, जहां विभिन्न देशों के नेता, राजनयिक और रक्षा विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय शांति, कूटनीति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाता है, चाहे प्रतिभागी किसी भी देश या पद से क्यों न जुड़ा हो।













