निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : अक्षय तृतीया के मौके पर देशभर में सोना खरीदने की परंपरा एक बार फिर निवेश के रूप में उभरकर सामने आई है। इस दिन को हिंदू धर्म में समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जिसके चलते छोटे निवेशक भी बुलियन यानी सोने-चांदी में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
एक साल में 63% का जबरदस्त रिटर्न
पिछली अक्षय तृतीया से अब तक सोने की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। MCX पर सोना करीब 94,611 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,54,609 रुपए तक पहुंच गया है। यानी निवेशकों को लगभग 63.4% का शानदार रिटर्न मिला है।
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वैश्विक कारणों से बढ़ी कीमतें
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार खरीदारी और निवेशकों की मजबूत मांग ने गोल्ड को एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना दिया है।
लंबे समय में मजबूत प्रदर्शन
विशेषज्ञों के अनुसार, अक्षय तृतीया के आसपास सोने ने हर साल अच्छा प्रदर्शन किया है। 2016 से 2026 के बीच गोल्ड ने करीब 18% CAGR दिया है, जो इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए भरोसेमंद बनाता है।
निवेशकों की बदलती रणनीति
अब निवेशक भारी गहनों के बजाय गोल्ड कॉइन, बार और हल्के ज्वेलरी की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, “वैल्यू ओवर वॉल्यूम” की सोच तेजी से बढ़ रही है, खासकर तब जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हों।
क्या 2 लाख तक पहुंचेगा सोना?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा, तो दिसंबर 2026 तक सोना 1.75 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं अगली अक्षय तृतीया तक 2 लाख रुपए का स्तर छूने की भी संभावना जताई जा रही है।
वैल्यू vs वॉल्यूम का नया ट्रेंड
हालांकि कीमतों में तेजी के चलते फिजिकल डिमांड में कुछ गिरावट आई है, लेकिन कुल रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि सोना अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक मजबूत निवेश रणनीति बन चुका है।











