Cow terror : साहुल सिंह/ छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के परासिया स्थित चांदामेटा रोड पर आज सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक गाय अचानक बेकाबू होकर लोगों पर हमलावर हो गई। गाय ने बीच सड़क पर देखते ही देखते चार से अधिक लोगों पर हमला कर दिया, जिससे अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। यह पूरी घटना पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें गाय का हमलावर रूप साफ देखा जा सकता है।
Cow terror : सफाईकर्मी पर पहला जानलेवा हमला
घटना सुबह के समय की है, जब परासिया नगर पालिका का सफाई कर्मी विष्णु अपनी ड्यूटी खत्म कर पैदल वापस लौट रहा था। चांदामेटा रोड पर एलआईसी दफ्तर के सामने सामने से आ रही एक गाय ने अचानक विष्णु पर हमला कर दिया। विष्णु अपनी जान बचाने के लिए सड़क की दूसरी तरफ भागा तो पीछे से आ रही एक मोटरसाइकिल से जा टकराया। बाइक पर सवार महिला और पुरुष बाइक समेत जमीन पर धम से जा गिरे। इसके बावजूद भी गाय ने विष्णु का पीछा करना नहीं छोड़ा और लगातार हमला करती रही।
Cow terror : दुकान में घुसकर पटका, कई लोगों पर किया हमला
खुद को बचाने के लिए विष्णु जैसे-तैसे पास की एक दुकान में जा घुसा, लेकिन गाय ने वहां भी विष्णु को जमकर पटका। जान बचाकर विष्णु फिर भागा और डिवाइडर कूदा। इसी दौरान गाय ने वहां खड़े दो अन्य लोगों पर भी हमला कर दिया। इसके बाद गाय एक महिला के पीछे पड़ गई, जो मुश्किल से अपनी जान बचा पाई। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाकर गाय को डराया और धमकाया, तब जाकर बेकाबू गाय पीछे हटी और शांत हुई। इस घटना में कुल चार लोग घायल हुए हैं, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं।
आवारा पशुओं पर कार्रवाई न होने से प्रशासन सवालों के घेरे में
इस घटना के बाद परासिया नगर पालिका और प्रशासनिक अमले की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय पत्रकार प्रशांत शैलके ने बताया कि परासिया में आवारा पशु सड़कों पर लगातार घूमते हुए पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि दो लोग जो सफाई कर्मी विष्णु को बचाने गए थे, गाय ने उन पर भी हमला किया। इस संबंध में कई बार नगर पालिका में शिकायत की गई है और मीडिया ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया भी है, लेकिन ना तो नगर पालिका ध्यान देती है और ना ही प्रशासनिक अमला कोई कार्रवाई करता है।
Cow terror : शहर में नहीं है कांजी हाउस, सड़कों पर जमावड़ा
स्थानीय निवासी प्रशांत तिवारी ने इस समस्या का मूल कारण बताते हुए कहा कि परासिया में कोई कांजी हाउस भी नहीं है, जहाँ इन आवारा पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने बताया कि सुबह स्कूल और दफ्तर जाने के समय सिंह वाहिनी चौक से लेकर केंद्रीय विद्यालय तक के रास्ते में आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है, जिससे सड़क से निकलना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे समय में अगर कोई गाय या सांड छोटे बच्चों पर हमला कर दे, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि वे तत्काल आवारा पशुओं की समस्या पर ध्यान दें।













