निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सरयू तट पर आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि समय रहते प्रशासन की सक्रियता से बड़ा हादसा टल गया।
पंडाल में अचानक भड़की आग
जानकारी के अनुसार, राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट के पास यह महायज्ञ आयोजित किया जा रहा था। शनिवार को अनुष्ठान के दौरान अचानक पंडाल से आग की लपटें उठती दिखाई दीं। टेंट में इस्तेमाल किए गए कपड़े और आसपास मौजूद सूखी घास-फूस के कारण आग तेजी से फैल गई।
दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर ब्रिगेड की टीम लगातार आग पर काबू पाने और पंडाल के अंदर मौजूद सामान को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी रही।
VIP मौजूदगी में हुआ हादसा
महायज्ञ का आयोजन प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में हो रहा था। घटना के समय मंत्री स्वयं मौके पर मौजूद थे। उनके साथ गोसाईगंज विधायक अभय सिंह और अयोध्या के प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय भी वहां उपस्थित थे।
श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया
आग लगते ही सुरक्षाकर्मियों और प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए सभी श्रद्धालुओं और VIP लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
जांच के आदेश
घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है और भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता स्थिति को पूरी तरह सामान्य करना और आग के कारणों का पता लगाना है।
अयोध्या में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है।











