निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब 29वें दिन में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी से शुरू हुआ यह युद्ध अब एक महीने के करीब पहुंच गया है, लेकिन हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
सऊदी एयरबेस पर ईरान का हमला
इस बीच ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 10 से 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।हमले में अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान KC-135 स्ट्रैटोटैंकर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे सैन्य क्षमता पर असर पड़ सकता है।
सैटेलाइट तस्वीरों से बढ़ी चिंता
हमले के बाद सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में एयरबेस पर हुए नुकसान के स्पष्ट संकेत मिले हैं। इससे यह साफ हो गया है कि क्षेत्र में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है।
सऊदी की जवाबी कार्रवाई
सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने रियाद की ओर दागी गई एक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
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ट्रंप ने नाटो पर उठाए सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बीच नाटो सहयोगियों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर नाटो देशों ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका लंबे समय से सहयोगियों का साथ देता आया है, लेकिन अब परिस्थितियों को देखते हुए इस पर पुनर्विचार की जरूरत है।
क्षेत्र में बढ़ता खतरा
मिडिल ईस्ट में बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई के चलते क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
फिलहाल नहीं दिख रहे शांति के संकेत
लगातार हमलों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच फिलहाल इस युद्ध के जल्द खत्म होने के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भी इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।











