Thursday, August 20, 2026
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Mauganj Water Tank Collapse : भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी जल जीवन मिशन की टंकी: टेस्टिंग के दौरान ताश के पत्तों की तरह ढही 30 फीट ऊंची संरचना, कलेक्टर ने सहायक यंत्री और ठेकेदार पर की बड़ी कार्रवाई

Mauganj Water Tank Collapse : रिपोर्टर: विकास बघेल/मऊगंज/नईगढ़ी | 27 मार्च 2026 मऊगंज जिले के जनपद पंचायत नईगढ़ी अंतर्गत ग्राम खटखरी में शुक्रवार तड़के विकास के दावों की पोल खुल गई। यहाँ जल जीवन मिशन के तहत हाल ही में निर्मित एक 30 फीट ऊंची पानी की टंकी टेस्टिंग के दौरान भरभरा कर गिर गई। गनीमत रही कि यह हादसा सुबह के वक्त हुआ जब वहां भीड़ नहीं थी, वरना जनहानि हो सकती थी। मलबे की चपेट में आने से एक जेसीबी चालक बाल-बाल बच गया। इस घटना ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, खटखरी में इस पानी की टंकी का निर्माण कार्य हाल ही में पूरा हुआ था और पिछले एक सप्ताह से इसका परीक्षण (टेस्टिंग) किया जा रहा था। शुक्रवार सुबह जैसे ही टंकी को उसकी पूरी क्षमता तक पानी से भरा गया, ढांचा पानी का दबाव सहन नहीं कर सका और देखते ही देखते जमींदोज हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी में पहले से ही लीकेज की समस्या थी, जिसे छिपाने के लिए आनन-फानन में मरम्मत की गई और दोबारा पानी भरा गया। कमजोर नींव और घटिया निर्माण सामग्री के कारण पूरी संरचना ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 30 फीट ऊंचे और भारी-भरकम ढांचे को महज 8-10mm के पतले सरियों पर खड़ा किया गया था। मानकों की सरेआम अनदेखी करते हुए घटिया सीमेंट और रेत का उपयोग किया गया। नियमानुसार इतनी बड़ी संरचना के लिए जिस मजबूती और तकनीकी मापदंडों की आवश्यकता होती है, ठेकेदार और विभागीय इंजीनियरों ने उसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। कलेक्टर मऊगंज ने इसे गंभीर लापरवाही और सरकारी धन का दुरुपयोग मानते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले में प्रभारी सहायक यंत्री ए.पी. तिवारी, संबंधित उपयंत्री और ठेकेदार शिवेंद्र कुमार तिवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिरी है। कार्यपालन यंत्री (PHE) संजय पाण्डेय ने भी मौके का निरीक्षण कर तकनीकी खामियों की पुष्टि की है। वर्तमान में मलबे को हटाने और पूरे प्रोजेक्ट की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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