Bacheli Police Sensitivity : बचेली (फकरे आलम खान)। खाकी के भीतर छिपी संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण गुरुवार को बचेली में देखने को मिला। पुलिस की मुस्तैदी के चलते एक तीन वर्षीय मासूम बच्चा, जो अपने परिजनों से बिछड़कर सड़क पर रो रहा था, सुरक्षित अपने घर पहुँच गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझने से बचाया, बल्कि पूरे क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की साख को और मजबूत किया है।
मौर्या पेट्रोल पंप के पास रोता मिला बच्चा
जानकारी के अनुसार, मौर्या पेट्रोल पंप के पास एक तीन वर्षीय बालक राहगीरों को रोते-बिलखते हुए मिला। बच्चा इतना डरा हुआ था कि वह अपना नाम या घर का पता बताने की स्थिति में नहीं था। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना बचेली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और बच्चे को अपनी सुरक्षा में लेकर उसे दुलारा और शांत कराया।
दशरथ पारा का निकला मासूम ‘रोशन’
थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए आसपास के इलाकों में बच्चे की फोटो दिखाकर पूछताछ शुरू की। कड़ी मशक्कत और ‘पातासाजी’ के बाद बच्चे की पहचान रोशन इस्तम (पिता: धनीराम इस्तम), उम्र 3 वर्ष, निवासी दशरथ पारा के रूप में हुई। पुलिस ने तत्काल परिजनों से संपर्क साधा और कुछ ही घंटों के भीतर मासूम को उनके सुपुर्द कर दिया।
परिजनों की आँखों में आए खुशी के आँसू
अपने कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बचेली पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय नहीं होती, तो उनके बच्चे के साथ कोई अनहोनी हो सकती थी।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस सराहनीय और मानवीय कार्य को अंजाम देने में बचेली थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक प्रहलाद निर्मल, आरक्षक अजीत पैकरा और मुन्ना लाल मौर्य की विशेष भूमिका रही। बचेली पुलिस की इस कार्यप्रणाली की अब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जमकर प्रशंसा हो रही है।











