Jamshedpur MGM Hospital Case : जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम (MGM) में सोमवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पिछले 9 दिनों से लापता 50 वर्षीय मरीज सुनील यादव का शव अस्पताल परिसर के भीतर ही संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। मृतक का शव लैब की बाउंड्री वॉल के पास कचरे के ढेर में पड़ा मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि शव की स्थिति काफी खराब थी और सुनील के हाथ में अब भी इलाज के दौरान लगा ‘कैनुला’ मौजूद था, जो अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
9 दिनों से चल रही थी तलाश, दुर्गंध ने खोला राज
बागबेड़ा निवासी सुनील यादव को कमजोरी की शिकायत के बाद 13 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 मार्च की रात 11 बजे उन्हें आखिरी बार सीसीटीवी फुटेज में मुख्य गेट की ओर जाते देखा गया, जिसके बाद वे रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए। परिजनों का आरोप है कि पिछले 9 दिनों से वे अस्पताल प्रबंधन और पुलिस के चक्कर काट रहे थे, लेकिन किसी ने तत्परता नहीं दिखाई। सोमवार रात जब परिसर के एक कोने से तेज दुर्गंध आने लगी, तब जाकर इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ।
परिजनों का हंगामा: “यह लापरवाही नहीं, हत्या है”
शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मृतक के बेटे अभय यादव और अन्य परिजनों का कहना है कि शव 6-7 दिन पुराना लग रहा है, जिससे अंदेशा है कि सुनील की मौत काफी पहले हो गई थी और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को कचरे में फेंका गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
बैकफुट पर प्रबंधन: अब जाग रही है सुरक्षा व्यवस्था
इस बड़ी चूक और हंगामे के बाद एमजीएम अस्पताल प्रशासन बचाव की मुद्रा में है। आनन-फानन में सुरक्षा के नए नियम लागू करने का दावा किया जा रहा है:
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सुरक्षा उपाय: अब वार्डों की खिड़कियों में ग्रिल लगाने और स्लाइडर दरवाजों में लॉक की व्यवस्था की जा रही है।
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नया नियम: रात 9 बजे के बाद मरीजों के बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और बिना अटेंडेंट वाले मरीजों की निगरानी अनिवार्य कर दी गई है।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एमजीएम थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मामला प्राकृतिक मौत, दुर्घटना या हत्या का है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज और वार्ड स्टाफ के बयानों के आधार पर लापरवाही और आपराधिक साजिश, दोनों बिंदुओं पर तफ्तीश कर रही है।











