Singrauli Admin Encroachment Drive : सिंगरौली संवाददाता। जिला मुख्यालय के समीप गनियारी स्थित शासकीय पीजी कॉलेज की आरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए मंगलवार को प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। तहसीलदार सविता यादव के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा बल के बीच बुलडोजर चलाकर करीब 15 अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान अभी थमा नहीं है और शेष बचे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
2024 से लंबित आदेश पर अब हुआ अमल राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, गनियारी स्थित इस बेशकीमती शासकीय भूमि पर लगभग तीन दर्जन लोगों ने अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण कर लिए थे। इस मामले में बेदखली का आदेश 15 मार्च 2024 को ही जारी हो चुका था, लेकिन लंबे समय तक यह ठंडे बस्ते में रहा। प्रशासन ने 12 मार्च को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी कर 16 मार्च तक कब्जा खाली करने का समय दिया था। समय सीमा समाप्त होते ही मंगलवार सुबह टीम मौके पर पहुंच गई और ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया।
कलेक्टर और कमिश्नर के निरीक्षण के बाद बढ़ी सख्ती हाल ही में रीवा संभाग के आयुक्त बी.एस. जामोद और कलेक्टर गौरव बैनल ने करीब ₹26.91 करोड़ की लागत से नवनिर्मित पीजी कॉलेज भवन का निरीक्षण किया था। परिसर के चारों ओर फैले अतिक्रमण को देख आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई थी और अधिकारियों को तत्काल बेदखली के निर्देश दिए थे। इसी निर्देश के पालन में तहसीलदार सविता यादव और पटवारी उमेश नामदेव की उपस्थिति में यह बड़ी कार्रवाई की गई।
रहवासियों के दावों ने खड़ा किया विवाद कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी हंगामा भी देखने को मिला। प्रभावित रहवासियों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मकानों में बिजली कनेक्शन और अमृत जल योजना की पाइपलाइन पहले से उपलब्ध थी। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुए थे। उनका तर्क था कि जब वे वर्षों से निर्माण कर रहे थे, तब किसी विभाग ने आपत्ति क्यों नहीं जताई? हालांकि, प्रशासन का पक्ष स्पष्ट है कि शासकीय भूमि पर किया गया कोई भी अतिक्रमण अवैध है और उसे नियमानुसार हटाया जाना अनिवार्य है।











