निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश में अब 12वीं के बाद विषय बदलकर अंडर ग्रेजुएट (UG) करने वाले छात्रों को पात्रता परीक्षा (Eligibility Test) देनी होगी।यानी यदि किसी छात्र ने 12वीं में मैथ्स या साइंस विषय से पढ़ाई की है और वह आर्ट्स, कॉमर्स या अन्य संकाय में यूजी करना चाहता है, तो उसे संबंधित विषय की परीक्षा पास करनी होगी।इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने एकीकृत परीक्षा (Integrated Exam) कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
विक्रम यूनिवर्सिटी को सौंपी गई जिम्मेदारी
उच्च शिक्षा विभाग ने 11 मार्च को आयुक्त और सभी विश्वविद्यालयों को सर्कुलर जारी किया है।इस सर्कुलर के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 और 2027-28 के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी उज्जैन की सम्राट विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी (विक्रम यूनिवर्सिटी) को सौंपी गई है।इस परीक्षा में सफल होने वाले छात्र प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय या उससे संबद्ध कॉलेज में प्रवेश ले सकेंगे।
यूजीसी रेगुलेशन-2025 के तहत निर्णय
यह फैसला यूजीसी रेगुलेशन-2025 और विश्वविद्यालय समन्वय समिति की स्थायी समिति की अनुशंसा के आधार पर लिया गया है।विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 25 प्रतिशत छात्र 12वीं के बाद अपना विषय बदलते हैं, इसलिए इस प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
पीजी में पहले से लागू है व्यवस्था
पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) में यह व्यवस्था पिछले सत्र से लागू है, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षा अभी तक आयोजित नहीं हो सकी थी।राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP-2020 के तहत प्रदेश में यूजी के लिए अध्यादेश 14(1) और पीजी के लिए अध्यादेश 14(2) लागू हैं।
हालांकि यूजी अध्यादेश में अभी प्रवेश परीक्षा का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसलिए इसे लागू करने से पहले अध्यादेश में संशोधन की आवश्यकता भी बताई जा रही है।











