Indore Crime Branch News : इंदौर। देश-दुनिया में साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी और ओटीपी के माध्यम से आम लोगों को अपना शिकार बनाकर उनकी जीवनभर की कमाई हड़प ली जा रही है। ऐसे कठिन समय में इंदौर क्राइम ब्रांच ने तत्परता दिखाते हुए साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए बड़ी राहत का काम किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के चंगुल से 1.27 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रिकवर कर पीड़ितों को वापस दिलाई है।
जनवरी-फरवरी में हुई कार्रवाई एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान बड़ी संख्या में लोग साइबर ठगी का शिकार हुए थे। जैसे ही पीड़ित परिवार शिकायत लेकर क्राइम ब्रांच पहुंचे, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत तकनीकी जांच शुरू की। इन दो महीनों के भीतर ही पुलिस ने ठगों के खातों से 1 करोड़ 27 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड करवाकर उसे पीड़ितों को वापस दिलाने में सफलता प्राप्त की है।
4000 से अधिक खाते किए ब्लॉक साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा अभियान चलाया है। एडिशनल डीसीपी के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में 4,000 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों को ब्लॉक किया जा चुका है ताकि ठगों के नेटवर्क को निष्क्रिय किया जा सके। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हैक किए गए खातों को रिकवर कराया गया है। साथ ही, फेक आईडी बनाकर इस्तेमाल किए जा रहे 150 से अधिक खातों को भी बंद कर दिया गया है।
सतर्कता ही बचाव क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात एपीके (APK) फाइल को डाउनलोड न करें और न ही डिजिटल अरेस्ट या निवेश के लुभावने ऑफर्स के झांसे में आएं। पुलिस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी साइबर सेल से संपर्क करे, ताकि समय रहते पैसे की रिकवरी सुनिश्चित की जा सके।











