कोच्चि (05 मार्च 2026): केरल हाई कोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ के शीर्षक (Title) को बदलने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर विचार करने से मना कर दिया है। चीफ जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी.एम. की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को उस डिवीजन बेंच पर आक्षेप लगाने के लिए कड़ी फटकार लगाई, जिसने फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ किया था।
अदालत की नाराजगी और फटकार
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सौमेन सेन ने याचिका में शामिल कुछ टिप्पणियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। याचिकाकर्ता चंद्रमोहवन के.सी. (सेवानिवृत्त शिक्षक) और मेहनाज पी. मोहम्मद (वकील) द्वारा दायर इस याचिका में उस डिवीजन बेंच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए थे, जिसने 27 फरवरी को फिल्म की स्क्रीनिंग पर लगी रोक को हटा दिया था। अदालत ने वकील चेल्सन चेम्बरथी से पूछा कि ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणियां याचिका में कैसे शामिल की गईं।
वकील ने मांगी बिना शर्त माफी
अदालत के कड़े रुख को देखते हुए याचिकाकर्ताओं के वकील ने कई बार बिना शर्त माफी मांगी। चीफ जस्टिस ने स्पष्ट किया कि जब इस फिल्म से जुड़े मामले पहले से ही अन्य बेंचों के पास लंबित हैं, तो इस PIL को स्वीकार करना उचित नहीं है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे जजों पर लगाए गए आरोपों वाले हिस्सों को हटाकर एक नई याचिका दायर कर सकते हैं।
क्या है पिछला आदेश?
इससे पहले 27 फरवरी को जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस पी.वी. बालकृष्णन की डिवीजन बेंच ने एकल पीठ (Single Bench) के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें फिल्म की स्क्रीनिंग को 15 दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया गया था। निर्माता विपुल अमृतलाल शाह की अपील पर आए इस अंतरिम आदेश ने फिल्म की रिलीज को संभव बनाया था। वर्तमान याचिका इसी आदेश और फिल्म के टाइटल को चुनौती दे रही थी।











