Wednesday, September 30, 2026
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CM Mohan Yadav Statement Controversy: ‘सीएम पद की भाषा हो मर्यादित’; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कथित बयान की कांग्रेस नेताओं ने की निंदा

CM Mohan Yadav Statement Controversy: धर्मेंद्र वाघेला, उज्जैन; 04 जून 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में दिए गए एक कथित बयान को लेकर प्रदेश की सियासत लगातार गरमाती जा रही है। धार्मिक नगरी उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की भाषा शैली पर सख्त आपत्ति जताते हुए इसे बेहद अशोभनीय और अमर्यादित करार दिया है। इसके साथ ही, सतवास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) जीतू पटवारी का जोरदार स्वागत किया और इस मंच का उपयोग प्रदेश में बढ़ती महंगाई, खाद-डीजल की किल्लत और किसानों की दुर्दशा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए किया।

‘मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है, अमर्यादित भाषा से समाज में जाएगा गलत संदेश’

सतवास में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री का पद प्रदेश का सर्वोच्च और अत्यंत सम्मानित संवैधानिक पद होता है। इस पद पर बैठे व्यक्ति को हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का ही प्रयोग करना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का तर्क था कि यदि सूबे के मुखिया ही सार्वजनिक मंचों से अमर्यादित या तल्ख शब्दों का उपयोग करेंगे, तो इससे समाज और युवा पीढ़ी के बीच बेहद गलत संदेश जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के इस कथित बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी सत्तापक्ष या सरकार की ओर से इस विषय पर किसी भी प्रकार की खेद या माफी का बयान सामने नहीं आया है, जो उनके अहंकार को दर्शाता है।

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किसान समृद्धि योजना की खुली पोल; खाद और डीजल की कीमतों से बेहाल अन्नदाता

बयानबाजी के इस विवाद को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार को किसानों और कमरतोड़ महंगाई के मोर्चे पर भी आड़े हाथों लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की महत्वाकांक्षी ‘किसान समृद्धि योजना’ का वास्तविक लाभ धरातल पर किसानों को मिल ही नहीं रहा है। इसके विपरीत, खेती-किसानी के मुख्य साधन माने जाने वाले खाद और डीजल की कीमतों में लगातार बेतहाशा बढ़ोतरी की जा रही है। बढ़ती कीमतों के कारण जहां एक तरफ खेती की लागत दोगुनी हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ मंडी पहुंचने पर किसानों को उनकी फसलों के उचित दाम (एमएसपी) भी नसीब नहीं हो पा रहे हैं।

जनता के हक के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी कांग्रेस

कार्यक्रम के दौरान मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उज्जैन संभाग की जनता और कार्यकर्ताओं को यह पूरी तरह आश्वस्त किया है कि कांग्रेस पार्टी किसानों, बेरोजगार युवाओं और आम जनता से जुड़े हर एक मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक लगातार मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस हमेशा से महात्मा गांधी की सत्य और अहिंसा की विचारधारा में अटूट विश्वास रखती है, इसलिए राजनीतिक मतभेदों के बावजूद वे मर्यादित भाषा के पक्षधर हैं। नेताओं ने संकल्प लिया कि विपक्ष जनता की असली आवाज बनकर अपनी लोकतांत्रिक भूमिका पूरी निष्ठा से निभाता रहेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के एक बयान से शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद अब पूरी तरह से महंगाई और किसान संकट के बड़े मुद्दों में तब्दील हो चुका है, जिस पर भाजपा संगठन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक या डैमेज-कंट्रोल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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