निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है। मध्य प्रदेश के 1 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को वेतन कटौती मामले में झटका लग सकता है। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गई थी। इस निर्णय को चुनौती देते हुए मामला हाई कोर्ट पहुंचा था।
हाल ही में हाई कोर्ट ने अपने फैसले में 2019 के उस आदेश को अवैध करार दिया। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि जब कर्मचारियों से पूरा काम लिया जा रहा है, तो उन्हें पूरा वेतन भी दिया जाना चाहिए।
400 करोड़ रुपये का एरियर
हाई कोर्ट ने उन कर्मचारियों को एरियर भुगतान करने का भी निर्देश दिया, जिनकी सैलरी में कटौती की गई थी। बताया जा रहा है कि कुल एरियर राशि लगभग 400 करोड़ रुपये के आसपास है।इस फैसले के बाद राज्य सरकार पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ सकता है।
Read More : M.P News : इंदौर में रंगपंचमी गेर की तैयारियां तेज, प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा चाक-चौबंद
अब सुप्रीम कोर्ट में होगी कानूनी लड़ाई?
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। यदि सरकार अपील दायर करती है, तो इस मामले में अंतिम निर्णय शीर्ष अदालत से आएगा।
कर्मचारियों की नजर फैसले पर
एक लाख से अधिक कर्मचारी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। यदि सुप्रीम कोर्ट में अपील होती है, तो मामले के निपटारे तक एरियर भुगतान पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी।
वेतन कटौती और एरियर भुगतान का यह मामला अब कानूनी और वित्तीय दोनों दृष्टि से अहम बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।











