निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के गर्ल्स हॉस्टल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पढ़ाई के माहौल को प्रभावित करते हुए कुछ छात्राओं पर ‘कॉलेज लाइफ एन्जॉय’ करने और बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव डाले जाने की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि हॉस्टल में रह रही एक प्रथम वर्ष की छात्रा अन्य लड़कियों को तथाकथित आधुनिकता के नाम पर अनजान युवकों से दोस्ती करने के लिए उकसाती थी।
पांच छात्राओं की हिम्मत से खुला मामला
हॉस्टल की पांच छात्राओं ने लिखित शिकायत देकर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि संबंधित छात्रा लगातार उन्हें मोबाइल ऐप के माध्यम से अज्ञात युवकों से जुड़ने और वीडियो कॉल पर बातचीत करने के लिए प्रेरित करती थी। इनकार करने पर मानसिक दबाव बनाया जाता था, जिससे छात्राएं असहज और भयभीत महसूस कर रही थीं।
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मोबाइल ऐप और वीडियो कॉल का कथित दुरुपयोग
शिकायत के अनुसार आरोपी छात्रा एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग कर अन्य छात्राओं को बाहरी लोगों से संपर्क कराने की कोशिश करती थी। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अनजान व्यक्तियों के साथ बाहर जाने के लिए कहा गया। मामले ने तब गंभीर रूप लिया जब जांच के दौरान 10 अन्य छात्राओं ने भी इसी तरह के आरोपों की पुष्टि की।
वार्डन की जांच में मिले साक्ष्य
करीब आठ दिन पहले वार्डन को मामले की जानकारी मिली। जांच के दौरान आरोपी छात्रा के कमरे की तलाशी ली गई, जहां से कुछ आपत्तिजनक सामग्री और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए। इन्हें प्रशासन ने जब्त कर लिया और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
जांच रिपोर्ट कुलपति प्रो. राकेश सिंघई और रजिस्ट्रार प्रज्ज्वल खरे को सौंपी गई। आरोपों की पुष्टि होने के बाद संबंधित छात्रा को तत्काल प्रभाव से हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में अनुशासन और छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में ऐसी गतिविधियों को सख्ती से रोका जाएगा।
शिकायत के बाद बनी जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति गठित की। समिति ने न केवल शिकायत करने वाली छात्राओं, बल्कि लगभग 10 अन्य छात्राओं के भी बयान दर्ज किए। जांच रिपोर्ट में आरोपों को सही पाया गया।
बताया गया कि संबंधित छात्रा का व्यवहार अन्य छात्राओं के प्रति अनुचित था और वह उन्हें कथित तौर पर आपत्तिजनक गतिविधियों के लिए उकसाती थी।
तलाशी में मिला आपत्तिजनक सामान
जांच के दौरान छात्रा के बैग की तलाशी ली गई, जिसमें कथित रूप से आपत्तिजनक इलेक्ट्रॉनिक सामान मिलने की बात सामने आई है। प्रशासन ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई है और इसे अनुशासनहीनता का मामला माना है।
हॉस्टल से निष्कासन
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर छात्रा को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है और एक सप्ताह के भीतर कमरा खाली करने का निर्देश दिया गया है। परिजनों को भी इस संबंध में सूचना दे दी गई है।
कुलगुरु ने कहा, “छात्राओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आगे जांच में और गंभीर तथ्य सामने आते हैं, तो विश्वविद्यालय स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
सुरक्षा और अनुशासन पर फोकस
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामला छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल के अनुशासन से जुड़ा है, इसलिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रबंधन फिलहाल संबंधित छात्रा की गतिविधियों और विभागीय रिकॉर्ड की भी समीक्षा कर रहा है।इस घटना के बाद कैंपस में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है।











