Saturday, August 29, 2026
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Indian Railways: रेलवे में दो प्रतिशत पदों की कटौती के विरोध में कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन

Indian Railways: जबलपुर। भारतीय रेलवे में दो प्रतिशत पदों की संभावित कटौती (लगभग 30,000 पद समाप्त करने) के प्रस्ताव के खिलाफ रेल कर्मचारियों का आक्रोश अब सड़कों पर आ गया है। इस विवादित नीति के विरोध में आज पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद के बैनर तले जबलपुर स्थित महाप्रबंधक (जीएम) कार्यालय के समक्ष रेलकर्मियों ने एक विशाल धरना और उग्र विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और सैकड़ों रेल कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रिंसिपल सीपीओ के माध्यम से रेलवे बोर्ड को एक कड़ा मांग पत्र सौंपा।

काम के दबाव और बेरोजगारी पर चिंता धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष अनुरोध तिवारी ने सरकार की इस नीति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर रेल कर्मचारी पहले से ही स्वीकृत पदों की कमी और काम के भारी बोझ के तले दबे हुए हैं। दिन-रात दबाव में काम करने के कारण कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। ऐसे में कुल पदों में से दो प्रतिशत की और कटौती करना कर्मचारियों, उनके आश्रित परिवारों और रेल सुरक्षा के लिहाज से बेहद नुकसानदेह और आत्मघाती कदम साबित होगा।

दिल्ली कूच की दी चेतावनी कर्मचारी संगठन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि देश में पहले से ही बेरोजगारी की समस्या चरम पर है, ऐसे में सरकारी नौकरियों में कटौती का यह निर्णय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यदि सरकार ने कर्मचारियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को तत्काल वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह लड़ाई सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगी। संगठन के कर्मचारी दिल्ली कूच करेंगे और संसद का घेराव कर इससे भी बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। साथ ही इस लड़ाई में आम जनता को भी जोड़ा जाएगा।

रेलवे प्रशासन का यह रवैया कर्मचारियों का शोषण करने वाला है। देश में बेरोजगारी की विकराल स्थिति के बावजूद नए पद सृजित करने के बजाय मौजूदा 30 हजार पदों को खत्म करने की तैयारी की जा रही है। अगर यह तानाशाही फैसला वापस नहीं लिया गया, तो हम दिल्ली में बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। — अनुरोध तिवारी, अध्यक्ष, पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद

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