Wild Animal Attack Shajapur : शाजापुर (26 फरवरी 2026): शाजापुर जिले के लसुडिया मेहा गांव और आसपास के जंगल में जंगली जानवरों का आतंक गहराता जा रहा है। गुरुवार दोपहर को किसान गोलू कुमार के खेत में मृत हिरणों के कंकाल मिलने के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है; पिछले कुछ दिनों में यह चौथी से पांचवीं बार है जब किसी जंगली जानवर ने शिकार किया है।
तेंदुए का खौफ और ग्रामीणों का आरोप क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने इलाके में तेंदुए को घूमते देखा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में पालतू पशुओं पर हुए हमलों की जानकारी वन विभाग को दी गई थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, “विभाग ने पिंजरा लगाने का आश्वासन तो दिया था, लेकिन वह केवल कागजों तक ही सीमित रहा।”
डीएफओ ने जताई लकड़बग्घे की आशंका मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ हेमलता शाह ने बताया कि क्षेत्र में लकड़बग्घा (Hyena) की मूवमेंट की जानकारी भी मिली है। उन्होंने कहा कि “अभी जो हिरण का शिकार हुआ है, उसकी गहन जांच करवाई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हमलावर जानवर कौन सा है।”
सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल खेतों में हिरणों के कंकाल मिलने से किसान अब अपने खेतों में जाने से भी कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हिंसक जानवर को पकड़ा जाए, अन्यथा किसी बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वन विभाग की टीम अब फुटप्रिंट्स और शिकार के तरीकों के आधार पर जानवर की पहचान करने में जुटी है।











