निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : जगदलपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक झटका लगा है। संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य टिप्पिरी थिरुपथी उर्फ देवजी उर्फ कुम्मा दादा ने अपने तीन शीर्ष साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी नेताओं ने तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
किन नेताओं ने डाले हथियार?
देवजी के साथ जिन वरिष्ठ माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण किया, उनमें शामिल हैं:
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केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम
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स्टेट कमेटी मेंबर बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर
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स्टेट कमेटी सदस्य नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना उर्फ सन्नू दादा
बताया जा रहा है कि पहली बार दो केंद्रीय स्तर के नेताओं ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है, जिससे इस घटनाक्रम को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
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सुरक्षा बलों के दबाव का असर
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाल के महीनों में चलाए गए सघन ऑपरेशन, बढ़ते फोर्स प्रेशर और संगठन के भीतर कमजोर होते नेटवर्क के कारण शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ा था।
लगातार कार्रवाई और खुफिया तंत्र की सक्रियता से संगठन की कमान संभाल रहे नेताओं के लिए काम करना मुश्किल हो गया था। इसी का परिणाम यह बड़ा आत्मसमर्पण माना जा रहा है।
नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता
सुरक्षा बलों ने इसे वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों का मानना है कि शीर्ष स्तर के नेताओं के मुख्यधारा में लौटने से संगठन की रणनीतिक और वैचारिक संरचना को गंभीर झटका लगेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, Maoist Top Leaders Surrender की यह घटना नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति प्रक्रिया को गति दे सकती है और अन्य कैडरों को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर सकती है।











