Dr Afroz Ahmad Indore Visit : इंदौर (14 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रिंसिपल बेंच के सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने इंदौर द्वारा किए जा रहे पर्यावरण सुधार कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इंदौर एनजीटी के निर्देशों का पालन करने के मामले में देश के अन्य शहरों के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है।
मेट्रो लाइन के साथ ‘वाटर रिचार्जिंग’ की अनूठी पहल
बैठक के दौरान डॉ. अहमद ने मेट्रो लाइन और उसके आसपास किए जा रहे वाटर रिचार्जिंग कार्यों की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि शहर में लगभग 300 रिचार्ज शाफ्ट बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, इंदौर जिले के लगभग 8,500 घरों में सफलतापूर्वक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जा चुका है, जो गिरते भूजल स्तर को सुधारने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
51 लाख पौधे और नदी-तालाबों का कायाकल्प
पर्यावरण को नई संजीवनी देने के लिए इंदौर ने 51 लाख वृक्षारोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनाई गई है। साथ ही, शिप्रा और कान्ह नदी के संरक्षण हेतु किनारे के गांवों में ‘घरेलू तरल अपशिष्ट प्रबंधन’ की योजना पर चर्चा की गई। शहर के 27 तालाबों के गहरीकरण और सफाई का कार्य जन भागीदारी के माध्यम से किया जा रहा है, जिसकी एनजीटी ने प्रशंसा की।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर कड़ा प्रहार
डॉ. अहमद ने इंदौर प्रशासन को निर्देशित किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इंदौर के इन बेहतरीन कार्यों के दस्तावेजीकरण (Documentation) पर भी बल दिया, ताकि अन्य जिले और राज्य इंदौर के अनुभवों से सीख सकें। उन्होंने भूजल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
डॉ. अफरोज अहमद, सदस्य, एनजीटी प्रिंसिपल बेंच
“इंदौर ने न केवल स्वच्छता में नंबर वन का खिताब बरकरार रखा है, बल्कि पर्यावरण और जल संचयन के क्षेत्र में भी इसकी कार्यप्रणाली अनुकरणीय है। यहाँ मेट्रो प्रोजेक्ट के साथ वाटर हार्वेस्टिंग को जोड़ना और जन भागीदारी से तालाबों का संरक्षण करना एक बड़ी उपलब्धि है। इंदौर आज सही मायने में एनजीटी के विजन का मॉडल शहर है।”











