Drugs Free Indore Campaign : भारत पाटील/इंदौर (12 फरवरी 2026): इंदौर के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहर में बढ़ती नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ (STF) के गठन का आदेश दिया है। ‘NCORD’ (Narco Coordination Centre) समिति की उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य शहर में ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
‘ड्रग्स पर पूर्ण नियंत्रण’ अभियान की शुरुआत
कलेक्टर ने इस विशेष अभियान को “ड्रग्स पर पूर्ण नियंत्रण” नाम दिया है। यह पहल भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी अभियान “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” के अंतर्गत संचालित की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इंदौर की छवि ‘मिनी मुंबई’ के रूप में है, लेकिन यहाँ बढ़ती नशाखोरी युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्पेशल टास्क फोर्स में शामिल होंगे दिग्गज विभाग
नशे के खिलाफ इस लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर ने एक ऐसी टीम बनाई है जिसमें विभिन्न विभागों का समन्वय होगा। इस टास्क फोर्स में शामिल होंगे:
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नारकोटिक्स विभाग (Drugs & Enforcement)
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आबकारी विभाग (Excise)
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आयुष विभाग (AYUSH)
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फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल विभाग (Food & Drugs Control)
कैसे काम करेगी यह टीम?
यह स्पेशल टीम न केवल ड्रग्स की बिक्री करने वाले संदिग्ध ठिकानों (हॉटस्पॉट्स) पर छापामार कार्रवाई करेगी, बल्कि मेडिकल स्टोर्स पर बिकने वाली प्रतिबंधित दवाओं और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी पर भी पैनी नजर रखेगी। इसके साथ ही, युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।













