Damakheda New Name Kabir Dharm Nagar : रायपुर (07 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ सरकार ने कबीरपंथियों की आस्था के विश्व प्रसिद्ध केंद्र दामाखेड़ा के नाम परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक राजपत्र (गजट) के अनुसार, सिमगा तहसील स्थित ग्राम दामाखेड़ा को अब आधिकारिक रूप से “कबीर धर्म नगर, दामाखेड़ा” के नाम से पुकारा जाएगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर लगी अंतिम मुहर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘सतगुरु कबीर संत समागम मेला’ के दौरान दामाखेड़ा पहुँचकर इस परिवर्तन की घोषणा की थी।
कैबिनेट का निर्णय: राज्य मंत्रिपरिषद ने 4 जून 2025 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
केंद्र की सहमति: भारत सरकार के गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद, छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 फरवरी 2026 को इसकी अंतिम अधिसूचना जारी कर दी।
आस्था के संरक्षण के लिए बड़ा कदम
मुख्यमंत्री साय ने न केवल नाम बदलने की घोषणा की थी, बल्कि कबीरपंथियों की इस पवित्र भूमि की शुचिता बनाए रखने के लिए एक और बड़ा आश्वासन दिया था। सरकार ने तय किया है कि दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का नया उद्योग नहीं लगाया जाएगा, ताकि यहाँ का शांत और आध्यात्मिक वातावरण बना रहे।
दामाखेड़ा का ऐतिहासिक महत्व
रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर स्थित दामाखेड़ा कबीरपंथ का हृदय स्थल माना जाता है।
स्थापना: वर्ष 1903 में कबीरपंथ के 12वें गुरु उग्रनाम साहेब ने यहाँ कबीर मठ की आधारशिला रखी थी।
वैश्विक पहचान: कबीर की मानवतावादी विचारधारा पर आधारित यह केंद्र आज देश-विदेश के लाखों अनुयायियों के लिए तीर्थ के समान है।
समाज में उत्साह की लहर
आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद कबीरपंथी समाज और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है। श्रद्धालुओं का मानना है कि ‘कबीर धर्म नगर’ नाम जुड़ने से इस स्थान की धार्मिक महत्ता को वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान मिलेगी।
“एक छोटे किसान का बेटा मुख्यमंत्री बनकर आपके बीच आशीर्वाद लेने आया है। दामाखेड़ा की यह पावन भूमि कबीर साहब के सत्य और ज्ञान का प्रकाश पूरी दुनिया में फैला रही है।” — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (घोषणा के दौरान)












